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इधर लाठी-डंडे तो उधर एके-57 वाले करा रहे रार

 जिनके चलते दोनों देश के बीच कई दशकों से रार चल रहा है। सरकारों को इन पर लगाम लगाना चाहिए। ये बात 17 जुलाई 2016 को कानपुर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान ओमपुरी ने कही थी। लेकिन आज वह इस दुनिया में नहीं रहे, जिसके चलते उनको चाहने वाले खासे निराश दिखे। 

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Ashish Kumar Pandey

Jan 06, 2017

Om Puri

Om Puri

विनोद निगम
कानपुर. मैं कई बार पाकिस्तान के शहरों में गया जहां मुझे जबरदस्त प्यार मिला। कराची वाले जहां अपनी मेहमान नवाजी के लिए जाने जाते थे, वहीं लहौर में सिवईयों परोसी जाती थीं। पाकिस्तान में लोग मेरी फिल्में देखते हैं और मुझे पसंद करते हैं। मुझे भी वे लोग खराब नहीं लगे।

हां शरारती तत्व तो दोनों तरफ हैं, भारत में लाठी-डंडे वाले हैं तो पाकिस्तान में एके-57 वाले। जिनके चलते दोनों देश के बीच कई दशकों से रार चल रहा है। सरकारों को इन पर लगाम लगाना चाहिए। ये बात 17 जुलाई 2016 को कानपुर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान ओमपुरी ने कही थी। लेकिन आज वह इस दुनिया में नहीं रहे, जिसके चलते उनको चाहने वाले खासे निराश दिखे। ओम पुरी को पसंद करने वाले डॉक्टर रमेश झा ने बताया कि वह 17 जुलाई 2016 को हमसे मिलने के लिए आए थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि डॉक्टर साहब पाकिस्तान भारत का इलाज की जरूरत है। बतादें बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ओम पुरी का शुक्रवार की सुबह दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। ओम पुरी न केवल एक बेहतरीन एक्टर थे, बल्कि, नाट्यकार, कथाकार भी थे। उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ कई नाटक में काम किया है, वे मराठी नाटक में काम कर चुके हैं। उन्होंने कुल 250 फिल्मों में काम किया है। अपने फिल्मी करियर के दौरान उन्हें कई तरह के विवादों का सामना करना पड़ा।

अपने बयान पर इटावा आ कर माफी मांगी थी

ओम पुरी को अपने फिल्मी करियर के दौरान उन्हें कई तरह के विवादों का सामना करना पड़ा। अपने निजी जीवन में भी उन्हें कई तरह के विवादों का सामना करना पड़ा था। ऐसे ही एक बयान उन्होंने कश्मीर में आंतकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद इटावा के जवान पर विवादित बयान दिया था। इसी के चलते वह खुद इटावा आकर शहीद परिवार से माफी मांगी थी। ओम पुरी जिंदा दिल इंसान थे वे कोई भी बात बेबाकी के साथ कहते थे।

कानपुर में कही थी दिल की बात

ओम पुरी ने जुलाई 2016 में कानपुर में आये थे। यहां पर उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार और अन्य मुद्दों पर खुलकर विरोध करने की हिंदुस्तान की जनता से अपील की थी। ओमपुरी ने यह भी कहा था कि मैं राजनीति में आने को तैयार हूं। जरा सोचिए कि पानी नहीं होगा तो शौचालय कैसे साफ रहेंगे और म्युनिसिपलिटी के लोग कूड़ा नहीं उठाएंगे तो गंदगी तो जस की तस रहेगी। उन्होंने पीएम की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने स्वच्छता, पाकिस्तान, भ्रष्टाचार ये तीन वजह भारत के विकास पर रोड़ा बताया था। ओमपुरी अपने 66वें जन्मदिन पर आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिक नितिन यादव के इटावा नगला बारी गांव में जाकर फूट-फूटकर रोये थे। वहां वे शहीद के परिजनों से मिले और उनके माता-पिता को गले लगाया और पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने पहले तो नितिन की तस्वीर को देखा और कई मिनट तक देखते ही रहे। ओमपुरी ने इस मौके पर जय जवान, जय किसान का नारा भी बुलंद किया।
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