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यमुना का जलस्तर गिरा लेकिन फिर भी इन गांवों में काम नही हुई मुसीबत

इस वर्ष बारिश की ऐसी स्थिति रही कि यमुना नदी के आस पडोस के गांव के लोग अभी त्रस्त हैं। यमुना का जलस्तर कम तो हुआ है लेकिन ग्रामीण अभी भी मुसीबत में हैं।

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यमुना का जलस्तर गिरा लेकिन फिर भी इन गांवों में काम नही हुई मुसीबत

कानपुर देहात-इस वर्ष भारी बारिश की तबाही का खासा प्रभाव जनपद से गुजरी यमुना नदी के आस पास के गांवों में देखने को मिल रहा है। यमुना में बढ़ रहे जलस्तर के चलते ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता के बादल मंडरा रहे थे। हालांकि बीते दिन जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई। इससे यमुना नदी एवं सेंगुर के संगम वाले चपरघटा के आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली लेकिन जलभराव के चलते आढ़न पथार के रास्तों को लेकर अभी भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। साथ ही करीब एक दर्जन गांव की फसलें तबाह होने से किसान बर्बाद हो चुके हैं। ऐसे में इन गांवों के लोगों को आवागमन में अभी भी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

फिर भी कम नही हुई मुसीबत

यमुना में बाढ़ आने से यमुना पट्टी के करीब एक दर्जन गांव बढ़ की चपेट में हैं। गांव के रास्तों में पानी भरने से गांव टापू हो गए। रविवार शाम से यमुना का जलस्तर बढ़ने से सहायक नदी सेंगुर भी उफना गई थी। बताते चलें कि यमुना में कालपी पुल के पास खतरे का निशान 108 मीटर पर है। हालांकि मंगलवार सुबह से यमुना के जल स्तर में गिरावट होने से लोगों ने राहत की सांस ली। आढ़न पथार व पड़ाव के रास्तों में आठ फुट पानी भरे रहने से लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। मजबूरी में लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा।

कालपी केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक जलस्तर

सुबह 9 बजे - 105. 32 मीटर

सुबह 10 बजे - 105.20 मीटर

सुबह 11 बजे - 105. 11 मीटर

दोपहर 12 बजे - 105.04 मीटर

अपराह्न 1 बजे - 104.98 मीटर

अपराह्न 2 बजे - 104.94 मीटर

अपराह्न 3 बजे - 104.90 मीटर

शाम 4 बजे - 104.86 मीटर

शाम 5 बजे - 104.82 मीटर

शाम 6 बजे - 104.78 मीटर

बोले जिम्मेदार

भोगनीपुुर उपजिलाधिकारी राजीव राज ने बताया कि आढन पथार के रास्ते में पानी भरने से इन गांवों के लोगों को आवागमन के लिए दो नावों की व्यवस्था कराई जा चुकी है। मंगलवार सुबह से ही यमुना के जल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है। इससे बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी कम होने के बाद बीमारी की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करा प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।