
पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है अंजनी का मंदिर, चारों तरफ से हरियाली व पांचना बांध से पानी से घिरा है मंदिर
करौली. पांचना नदी से चारों तरफ से घिरा और त्रिकूट पर्वत की पहाड़ी पर स्थित अंजनी माता का मंदिर धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का हब बनता जा रहा है। इस स्थानों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के साथ पर्यटन पहुंचते हैं। पूर्वी राजस्थान के प्रमुख पांचना बांध की पहाड़ी पर अंजनी माता मंदिर होने से चार तरफ से हरियाली छाई हुई है।
हिण्डौन सिटी से कैलादेवी तथा कैलादेवी आगरा, भरतपुर आदि स्थानों को जाने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। मंदिर और हरियाली को देख पर्यटक रुके बिना नहीं रह सकते। चैत्रमाह व नवरात्र के समय लाखों की संख्या में कैलादेवी जाने वाले श्रद्धालु यहां पर दर्शनों के लिए आते हैं। देव उठनी एकादशी पर मेला लगता है। इसमें पूर्वी राजस्थान के सभी जिलों से लाखों की संख्या में लोग दर्शनों के लिए आते हैं।
८०० साल पुराना है मंदिर
अंजनी विकास व सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश पाल ने बताया कि मंदिर के समीप ही ८०० साल पुराना बिरवास गांव है। अंजनी माता जादौन परिवारों की कुल देवी है। इसका निर्माण सन १२०२ में राजा अर्जुन देव ने कराया था। उन्होंने बताया कि अब इस मंदिर को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। समिति भामाशाहों के माध्यम से प्याऊ लगवा रही है साथ ही हनुमान मंदिर का जीर्णोद्वार भी किया जा रहा है। इस मंदिर की अंजनी माता की प्रतिमा हनुमानजी को दुग्धपान कराती हुई है जो अपने आप में दुलर्भ है।
पर्यटन विभाग भी जुटा विकास में
अंजनी माता के मंदिर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर पर्यटन विभाग ने इसकी सुध ली है। सरकार ने मंदिर के विकास व जीर्णोद्वार के लिए 1 करोड़ ४६ लाख की लागत से निर्माण कार्य शुरू कराए हैं। मंदिर पर परिक्रमा निर्माण, चारदीवारी, रेम्प का निर्माण विशेषतौर पर हो रहा है। इसके अलावा हनुमान मंदिर का जीर्णोद्वार जनसहयोग से किया जाएगा।
समिति जुटी विकास में
प्राचीन अंजनी माता के मंदिर को पर्यटन पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिएअंजनी विकास एवं सेवा समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्य यहां पर सुविधा जुटाने तथा सुरक्षा के प्रबंध करने में व्यस्त है। इधर समिति की गुरुवार को मंदिर परिसर में बैठक हुई। बैठक में मंदिर के विकास तथा पर्यटन विभाग के कार्यों पर नजर रखने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अध्यक्ष सुरेश पाल, सचिव तेजेन्द्र सिंह, कर्नल कृपाल सिंह, कोषाध्यक्ष प्रेमसिंह, एडवोकेट गोविन्द चतुर्वेदी, राजेश, धर्मेन्द्र जादौन,गजानंद शर्मा व हरनाथ सिंह मौजूद थे।
Published on:
27 Sept 2018 12:12 pm
बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
