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VIDEO: जन-जन की आस्था का केन्द्र बलदाऊजी मन्दिर, सजाई झांकी, निकाली शोभायात्रा

गुढ़ाचंद्रजी. कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित दाऊजी महाराज मंदिर जन-जन की आस्था का केन्द्र है। बलदेव छठ पर गुरुवार को यहां विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। झांकी सजाई गई वहीं शोभायात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। यहां राजस्थान ही नहीं हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, लखनऊ, नई दिल्ली सहित कई प्रांतों के श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। दाऊजी महाराज के प्रति आस्था का उदाहरण यह है कि गुढ़ाचंद्रजी कस्बे सहित सत्ताईसा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति तिमंजिला मकान नहीं बनाता। इसके पीछे कारण यह है कि दाऊजी

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गुढ़ाचंद्रजी. कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित दाऊजी महाराज मंदिर जन-जन की आस्था का केन्द्र है। बलदेव छठ पर गुरुवार को यहां विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। झांकी सजाई गई वहीं शोभायात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। यहां राजस्थान ही नहीं हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, लखनऊ, नई दिल्ली सहित कई प्रांतों के श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। दाऊजी महाराज के प्रति आस्था का उदाहरण यह है कि गुढ़ाचंद्रजी कस्बे सहित सत्ताईसा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति तिमंजिला मकान नहीं बनाता। इसके पीछे कारण यह है कि दाऊजी भगवान का मंदिर दो मंजिल का ही है। इसलिए कोई भी व्यक्ति तीसरी मंजिल नहीं बनाता है। मंदिर पुजारी मोहनलाल शर्मा व राज परिवार से जुड़े दीपेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि विवाह व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों से पहले लोग दाऊजी को न्योता देने आते हैं। ५०० वर्ष पुराना है मंदिर मंदिर स्थापना को लेकर बुजुर्ग बताते हैं कि 500 वर्ष पूर्व राजा चंद्रजी ने चौहानों से विजय प्राप्त कर गुढ़ाचंद्रजी कस्बे को बसाया था और इसके बाद उन्होंने दाऊजी भगवान के मंदिर की स्थापना करवाई थी। उसके बाद गुढ़ाचंद्रजी नरेश श्योदान सिंह ने मंदिर का निर्माण पूर्ण कराया। किंवदंती है, कि दाऊजी महाराज की मूर्ति की गढ़ाई पुष्प नक्षत्र आने पर ही होती थी। इसके चलते 12 वर्ष में मूर्ति निर्माण व स्थापना का कार्य संपूर्ण हुआ। मंदिर में दाऊजी महाराज की प्रतिमा के अलावा एक और हनुमान जी सहित सीतारामजी का मंदिर तो दूसरी और राधा रुक्मणी सहित कृष्ण भगवान की प्रतिमा विराजित है। मंदिर में माता पार्वती के साथ बैठे हुए भोलेनाथ व शिव परिवार की प्रतिमा भी है। मंदिर के समीप दाऊजी महाराज का बगीचा है, जिसमें हनुमानजी का मंदिर है। इधर बलदेव छठ पर गुरुवार को करौली के बलदाऊजी मंदिर में भी आकर्षक झांकी सजाई गई। भगवान को नए वस्त्र पहनाकर विशेष पूजा अर्चना की गई।