Daughters reached father's work place and understood the workराजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद कुलिश की जयंती पर बिटिया एट वर्क
हिण्डौनसिटी. राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद कुलिश की जयंती पर सोमवार को प्रदेश भर में बिटिया इन ऑफिस कार्यक्रम हुआ। शहर से लेकर गांवों तक बेटियों ने अपने पिता के साथ कार्य स्थल पर पहुंच उनके कामकाज को देखा और समझा। बेटियां भी पिता के साथ उसने कार्य स्थल के लिए काफी उत्साहित दिखी। बेटियों के प्रोत्साहन की पत्रिका की इस मुहिम से जुड़ क्षेत्र में कई विद्यालयों में बालिकाओं का अवकाश भी किया था। अभिभावकों ने भी कुलिश जयंती पर हुए कार्यक्रम की सराहाना की।
1
बिटिया का नाम- ईवा फौजदार
पिता का नाम- विकास फौजदार, शिक्षक
कार्य स्थल- एकेडमिक हाइट्स पब्लिक सेकंडरी स्कूल
अनुभव- पापा के साथ स्कूल पहुंच कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी और प्रत्येक के कार्य के बारे में जाना। उनके साथ के कक्षाओं का अवलोकन भी किया।
2
बिटिया का नाम- अवनी बंशीवाल
पिता का नाम- राजेश कुमार जाटव, सहायक अभियंता
कार्य स्थल- विद्युत ग्रिड सब स्टेशन
अनुभव- पापा के साथ जीएसएस पर पहुंच कर कंट्रोल रूम को देखा। साथ ही जाना कि जीएसएस से हमारे घरों तक बिजली कैसे आती है।
3
बिटिया का नाम- अनुष्का अग्रवाल
पिता का नाम - दिलीप गुप्ता
कार्य स्थल- भास्कर पैकेजिंग इंडस्ट्रील
अनुभव- पापा के साथ रीको औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री पर पहुंच पैकेजिंग कर्टन बना रही मशीनों को देखा। साथ की कच्चे माल की आपूर्ति व तैयार माल को खपाने की प्रक्रिया को जाना।
4.
बिटिया का नाम- किंजल चौधरी
पिता का नाम- वीरेंद्र सिंह चौधरी, स्टेशन मास्टर
कार्य स्थल- रेलवे स्टेशन
अनुभव- पापा के साथ रेलवे स्टेशन पर जा कर ट्रेन संचालन के कंट्रोल पैनल को देखा। साथ ही चमकती रंगीन लाइटों व सिग्नलों के बारे में जाना।
5.
बिटिया का नाम- रिया चौधरी
पिता का नाम- नरेश सोलंकी, किसान
कार्य स्थल- सोलंकी फार्मस
अनुभव- पापा के साथ खेत पर पहुंच गेहूं की फसल के कटाई कार्य को देखा। साथ ही कटी हुई बालियों के बिना रस्सी के बंडल बनाना सीखा।
6.
बिटिया का नाम- सानिया बानो
पिता का नाम- मोहम्मद शफी ताज, कारपेंटर
कार्य स्थल- फर्नीचर की दुकान
अनुभव- पापा के साथ दुकान पर जाकर फर्नीचर बनाने के काम को देखा। विभिन्न औजारों की उपयोगिका, नाप लेना सीखा व लकड़ी की परख के बारे में समझा।