
Karauli News: करौली जिले के सबसे बड़े पांचना बांध के आगामी वर्षों में पर्यटन के रूप में विकसित होने की उम्मीद जागी है। इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देशन में विभिन्न विभागों ने कवायद शुरू की है। इसके तहत पांचना बांध पर पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पांचना बांध पहुंचे और क्षेत्र का जायजा लिया।
इस दौरान जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता वीरसिंह जाटव, पर्यटन विभाग सवाईमाधोपुर के उपनिदेशक मधुसूदन सिंह, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता चन्द्रप्रकाश, राजस्व विभाग से पटवारी, पीडी कोर कसंल्टेंट के वरिष्ठ प्रबंधक, आर्केटेक्ट मीनू कुशवाह आदि पांचना बांध पर पहुंचे।
इस दौरान अधिकारियों ने बांध क्षेत्र का भ्रमण कर भौगोलिक स्थिति को देखा। साथ ही पर्यटन को विकसित करने के लिए आसपास स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान पांचना बांध पर पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाओं और गतिविधियों को विकसित कराने के लिए विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बांध के गेस्ट हाउस में बैठकर क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता तथा आवश्यक संसाधन और सुविधाओं को लेकर चर्चा की। अधिकारियों ने पांचना बांध तक आवागमन के लिए सड़क और मूलभूत सुविधाओं के विकास तथा अन्य विषयों पर भी चर्चा की। इस दौरान पांचना पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बैंसला पप्पू, भानूप्रताप सिंह आदि भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि पांचना बांध पर्यटन विकास समिति की ओर से पांचना बांध को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग को लेकर पिछले महिनों से मुहिम चलाई जा रही है। इसके अन्तर्गत समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बैंसला सहित अन्य के द्वारा विभिन्न गांवों में पहुंचकर जागरूकता की मुहिम चलाई हुई है। साथ ही इस बीच मंत्रियों से भी मुलाकात की और जिला कलक्टर से भी इस संबंध में मांग की गई थी। ज्ञापन भी सौंपे गए। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देशन में बांध को पर्यटन के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हुई है।
जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि गत दिनों जिला कलक्टर की ओर से पांचना बांध पर पर्यटन विकसित करने को लेकर विभिन्न विभागों की टीम गठित की गई थी। कलक्टर के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बांध क्षेत्र में पर्यटन विकसित करने के लिए स्थिति को देखा है। बांध क्षेत्र में किस तरह से और क्या-क्या विकसित किया जा सकता है, इसे देखा है। रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी।
Updated on:
19 Oct 2024, 2:51 PM IST
Published on:
19 Oct 2024, 2:51 PM IST
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