21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करौली के पांचना बांध के एक सप्ताह में चार बार खोलने पड़े गेट और छोड़ा इतना पानी…

करौली. जिले के सबसे बड़े पांचना बांध में पानी की लगातार आवक बनी हुई है, जिसके चलते बीते एक सप्ताह के दौरान जल संसाधन विभाग को बांध के चार बार गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी की निकासी करनी पड़ी है।

3 min read
Google source verification
करौली के पांचना बांध के एक सप्ताह में चार बार खोलने पड़े गेट और छोड़ा इतना पानी...

करौली के पांचना बांध के एक सप्ताह में चार बार खोलने पड़े गेट और छोड़ा इतना पानी...

करौली. जिले के सबसे बड़े पांचना बांध में पानी की लगातार आवक बनी हुई है, जिसके चलते बीते एक सप्ताह के दौरान जल संसाधन विभाग को बांध के चार बार गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी की निकासी करनी पड़ी है। इस बार अब तक बांध से करीब 881 एमसीएफटी पानी की निकासी गंभीर नदी में की जा चुकी है। यह पानी भरतपुर जिले तक पहुंचा है, जिसके चलते गंभीर नदी लबालब हुई है।

गौरतलब है कि जिले के सबसे बड़े पांचना बांध की कुल भराव क्षमता 258.62 मीटर यानि 2100 एमसीएफटी है। 1 अगस्त की रात्रि को जिला मुख्यालय सहित क्षेत्र के गांवों में भारी बारिश का दौर चला था, जिसके चलते पांचना बांध में पानी की जबरदस्त आवक हुई तो बांध लबालब हो गया और 2 अगस्त को तड़के 5 बजे ही बांध के एक साथ 6 गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी की निकासी करनी पड़ी। इस दौरान 2 मीटर तक गेटों को खोला गया था। इसके बाद भी बांध में पानी की आवक जारी रही, जिसके चलते दूसरे दिन 29 घण्टे बाद मंगलवार को सुबह तक गेटों को खुला रखा गया।

हालांकि इस बीच पानी की निकासी कभी कम तो कभी ज्यादा की गई। उस दौरान करीब 29 घण्टे की अवधि में बांध से लगभग 730 एमसीएफटी पानी की निकासी की गई। बांध का जलस्तर 257.35 मीटर पर रहने के बाद गेटों को बंद किया गया था, लेकिन उसी दिन 3 अगस्त की रात्रि को एक बार फिर बांध में पानी की आवक बढ़ गई, जिसके चलते बांध के तीन गेट खोल कर प्रति गेट से 40 सेंटीमीटर तक पानी की निकासी शुरू करनी पड़ी। उस दिन रात 10.30 बजे बांध के तीन गेट खोलने पड़े थे।
इसके बाद क्षेत्र में बारिश का दौर लगभग थम गया और कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। इस बीच जिला मुख्यालय की भद्रावती नदी में पानी की आवक हुई तो पानी पांचना बांध तक पहुंचा, जिसके चलते फिर बांध का जलस्तर बढ़ गया।

इस पर 6 अगस्त की रात एक बार फिर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। हालांकि इस दौरान जलस्तर अधिक नहीं था। ऐसे में विभाग ने दो गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी छोड़ा। रात करीब 11 बजे दो गेट 50 सेंटीमीटर तक खोलकर पानी की निकासी की गई। सुबह करीब 6 बजे जलस्तर कम होने पर गेटों को बंद कर दिया गया। शनिवार शाम बांध का जलस्तर 257.70 मीटर पर था।

लेकिन शनिवार रात को बांध में पानी की फिर आवक हो गई, जिससे बांध का जलस्तर बढ़ा तो रात करीब 12 बजे एक बार फिर गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया। इस दौरान बांध के तीन गेटों को खोलकर 50 सेन्टीमीटर तक पानी नदी में निकाला गया। रविवार सुबह 5 बजे जलस्तर कम होने पर गेटों को बंद कर दिया गया। सुबह बांध का गेट 257.50 मीटर पर था। इस प्रकार एक सप्ताह की अवधि में बांध से अब तक कुल 881 एमसीएफटी पानी गंभीर नदी में छोड़ा जा चुका है।

लोगों से की अपील
बांध से पानी निकासी होने से गंभीर नदी लबालब है और अभी मानसून सक्रिय है। ऐसे में बारिश का दौर शुरू होने पर बांध में पानी की आवक बढ़ेगी, तो फिर बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इसे लेकर जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुशीलकुमार गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि गंभीर नदी में पानी की आवक बनी हुई है, जिससे वे नदी पर नहाने आदि के लिए नहीं जाएं। ना ही बच्चों को जाने दें। लोग सतर्क और सावधान रहें।


इनका कहना है
एक अगस्त की रात्रि में पांचना बांध में जलस्तर बढऩे पर गेट खोले गए थे। उसके बाद जलस्तर कम होने पर गेट बंद भी किए गए, लेकिन इस बीच जलस्तर बढऩे पर फिर गेट खोलने पड़े। अब तक बांध के गेट चार बार खोलकर 881 एमसीएफटी पानी की निकासी की जा चुकी है, जिससे लोगों से अपील है कि गंभीर नहीं का बहाव तेज है, ऐसे में लोग सुरक्षा की दृष्टि से नदी-तालाबों पर नहीं जाएं।
सुशीलकुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, करौली