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कोर्ट का सख्त रुख: 9 साल बाद भी नहीं दिया एक्सीडेंट का क्लेम, अब टेम्पो चालक को सीधे जाना पड़ा जेल

हिण्डौनसिटी में 2016 की सड़क दुर्घटना के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद क्लेम नहीं देने पर टेम्पो चालक को जेल भेज दिया गया। एडीजे कोर्ट ने 2025 में 1.52 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था।

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करौली

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Arvind Rao

Apr 17, 2026

Gwalior

MP High Court Gwalior Bench

हिण्डौनसिटी (करौली): सड़क दुर्घटना के मामले में घायल को न्यायालय के आदेश के बावजूद चोटों का मुआवजा (क्लेम) नहीं देकर फरार चल रहे एक टेम्पो चालक को गुरुवार को जेल भेज दिया गया।

बता दें कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमांक-2 सुमरथ लाल मीना के आदेश पर नाजिर ने आरोपी को ढिंढोरा गांव से पकड़ कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

साल 2016 का है मामला

न्यायालय के नाजिर हितेश गोयल ने बताया कि मामला 2016 के सड़क दुर्घटना का है, जिसमें 18 फरवरी ने कुलदीप सिंह ने अपने ऑटो को लापरवाही से चलाते हुए रोशन नाम के व्यक्ति को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में रोशन गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके हाथ-पैरों में फ्रैक्चर हो गया था।

कोर्ट में विचाराधीन रहा मामला

टेम्पो चालक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहा। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे क्रमांक-2 न्यायालय ने 15 फरवरी 2025 को फैसला सुनाया, जिसमें न्यायालय ने टेम्पों का बीमा नहीं होने के कारण आरोपी कुलदीप सिंह को 1 लाख 52 हजार 600 रुपए की चोट मुआवजा (क्लेम) राशि के तौर घायल के लिए अदा करने के आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन

साथ ही पूर्ण भुगतान होने तक राशि का ब्याज भी देने को कहा था। न्यायालन के आदेश के बावजूद आरोपी ने न तो घायल को क्लेम राशि का भुगतान किया और न ही आदेश का पालन किया। इसके बाद न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आरोपी कार्रवाई से बचाने के लिए इधर-उधर रह रहा था।

गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश

गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर तामील कुनिंदा राज चरण सिंह को साथ लेकर नाजिर हितेश गोयल ने गांव ढिंढोरा से टेम्पो चालक कुलदीप को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसके न्यायालय के निर्णय की पालना नहीं करने पर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।