
एसडीएम काजल मीणा- फाइल फोटो
SDM Kajal Meena Bribe Case: कभी देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मंडी से बीटेक कर बदलाव की बात करने वाली और सरकारी योजनाओं को गरीबों तक पहुँचाने का दावा करने वाली RAS अधिकारी काजल मीणा आज सलाखों के पीछे हैं। नादौती (करौली) की एसडीएम काजल मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब उनका एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जो उनके कथनी और करनी के बीच की गहरी खाई को उजागर कर रहा है।
इंटरव्यू के दौरान जब काजल से उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ दो मुख्य लक्ष्य बताए थे:
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि किताबी ज्ञान और प्रशासनिक नैतिकता में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है। जमीन की डिक्री जारी करने जैसे सामान्य काम के लिए एक जरूरतमंद से रिश्वत मांगना उन तमाम दावों की धज्जियां उड़ाता है, जो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में किए थे।
ACB की इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
गोविंद गुप्ता (महानिदेशक, ACB) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने राजस्थान ब्यूरोक्रेसी को झकझोर दिया है। सवाल यह है कि यदि IIT जैसे संस्थानों से निकले युवा और उच्च शिक्षित अधिकारी भी चंद रुपयों के लालच में अपना ईमान बेच देंगे, तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाएगा? काजल मीणा का केस आज उन तमाम अभ्यर्थियों के लिए एक सबक है जो 'सिस्टम बदलने' के नाम पर सेवा में आते हैं, लेकिन खुद सिस्टम की गंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।
Updated on:
18 Apr 2026 11:51 am
Published on:
18 Apr 2026 11:51 am
