11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dr. Kirodi Lal Meena : ‘… तो इस्तीफा देने को तैयार हूं’, घूसकांड पर मंत्री किरोड़ी ने तोड़ी चुप्पी- खुलकर बोले

नकली बीज और घूसकांड पर राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने तोड़ी चुप्पी। डोटासरा के वार पर करौली से दिया करारा जवाब। कहा- 'तिलभर भी दोष निकला तो इस्तीफा दे दूंगा'।

5 min read
Google source verification
Kirodi Lal Meena Breaks Silence On Seed Scam Charges Govind Singh Dotasra Target

File PIC

राजस्थान के कृषि विभाग और राज्य बीज निगम के भीतर फैले कथित भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद राजस्थान की सियासत में इन दिनों कृषि विभाग और राज्य बीज निगम के भीतर फैले कथित भ्रष्टाचार का मामला गरमाया हुआ है। खासतौर से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हालिया हुई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों और 'बड़ी मछलियों' की गिरफ्तारियों के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। निशाने पर कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा हैं, जिन्हें लेकर कांग्रेस चौतरफा हमलावर हो रही है और मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ गई है। 

इन तमाम आरोपों के बीच अब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी अब फ्रंट फुट पर आकर मोर्चा संभाल लिया है। पिछले कई दिनों से कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किए जा रहे हमलों और इस्तीफे की मांग पर कृषि मंत्री ने चुप्पी तोड़ी है। करौली जिले के रजोली गांव से बुधवार को मंत्री ने बेहद स्पष्ट, सपाट और दोटूक शब्दों में अपनी बात रखी।

करौली की जनसभा में जनता के सामने अपनी सफाई पेश करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले उनके लंबे राजनैतिक जीवन पर कोई भी विरोधी आंच नहीं उठा सकता। उन्होंने अपने एक करीबी व्यक्ति की संलिप्तता को स्वीकार करते हुए यह भी साफ किया कि गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही उसे सलाखों के पीछे भिजवाने वाले भी वे खुद ही थे।

'गड़बड़ करने वालों को मैंने ही भेजा जेल'

इस पूरे महा-घूसकांड की एफआईआर में नाम आने और सहयोगियों के गिरफ्तार होने के बाद पहली बार जनता के बीच पहुंचे डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी बात को बेहद सच्चाई के साथ सामने रखा। उन्होंने अपनी एक राजनैतिक कमजोरी को स्वीकार करते हुए जनता से कहा कि जो लोग दिन-रात उनके साथ चल रहे थे, उनके भीतर चल रही इस बदनियती की उन्हें पहले से कोई भनक नहीं थी।

कृषि मंत्री ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से आप लोग लगातार अखबारों और टीवी चैनलों पर कृषि विभाग और बीज निगम की गड़बड़ियों से जुड़ी खबरें देख और पढ़ रहे होंगे। मेरे विरोधी इस मौके का फायदा उठाकर मुझे चारों तरफ से घेरने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। मेरी भी एक छोटी सी कमजोरी रही कि जो लोग मेरे साथ लगातार घूम रहे थे, उनके गलत इरादों और इन प्रशासनिक गड़बड़ियों की मुझे पहले से कोई जानकारी नहीं थी और इसी का फायदा उठाकर उन्होंने परदे के पीछे बड़ी गड़बड़ियां कर दीं।"

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मैं आपको बता दूं कि मैंने ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं है। जैसे ही मुझे इस बात का पता चला, मैंने खुद आगे बढ़कर ऐसे लोगों को गिरफ्तार करवाया है। मेरे बगल में चलने वाला आदमी अगर कोई गड़बड़ कर गया, तो उसे कानून के हवाले मैंने ही किया है। मेरे नाम का गलत इस्तेमाल करके कोई राजस्थान के किसानों को लूटे या भ्रष्टाचार फैलाए, यह किरोड़ी के जिंदा रहते इस मरुधरा पर कभी संभव नहीं हो सकता।"

'किरोड़ी को बांधने वाली हथकड़ी अभी तक नहीं बनी'

करौली जिले की स्थानीय जनता और अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उनके विरोधी चाहे जितनी राजनैतिक साजिशें रच लें, उनकी ईमानदारी को कभी भी कटघरे में नहीं खड़ा किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन हमेशा से जनहित के आंदोलनों और व्यवस्था की बुराइयों के खिलाफ लड़ते हुए बीता है।

जनता के सामने हुंकार भरते हुए कृषि मंत्री ने कहा, "करौली के मेरे भाइयों और बुजुर्गों सुन लीजिए, यह महावीरजी की पावन भूमि है, कैला देवी की पवित्र धरा है, बाबा मदन मोहन और भगवान गणेश जी की यह बेहद पवित्र भूमि है। मैं इस माटी का बेटा हूं और इस धरा को अपने जीते-जी किसी भी कीमत पर कलंकित नहीं होने दूंगा, चाहे इसके लिए मुझे अपने जीवन में कोई भी बड़ा बलिदान क्यों न देना पड़े। मेरे राजनैतिक विरोधी आज चाहे जितना भी जोर लगा लें, उनके पास ऐसी कोई कानूनी या राजनैतिक हथकड़ी नहीं है जो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इन दोनों हाथों में डाली जा सके, क्योंकि मैंने जीवनभर सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ धरातल पर लड़ाई लड़ी है।"

'मैं चक्रव्यूह से निकलना भी जानता हूं'

अपने भाषण के अंतिम पड़ाव में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने महाभारत के ऐतिहासिक चक्रव्यूह का उदाहरण देते हुए विपक्ष को साफ चेतावनी दी कि वे किसी भी राजनैतिक घेरेबंदी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी उन्हें कमजोर समझने की भूल कतई न करें।

कृषि मंत्री ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "किरोड़ी सब कुछ कर सकता है, लेकिन इस माटी के साथ गद्दारी और भ्रष्टाचार कभी नहीं फैला सकता। अगर इस पूरे प्रकरण में मेरा तिलभर भी कोई व्यक्तिगत दोष या संलिप्तता निकल जाए, तो मैं आज ही अपने मंत्री पद से इस्तीफा देकर खुद सीधे जेल जाने के लिए तैयार हूं। लेकिन विरोधी यह जान लें कि अगर मैं किसी राजनैतिक चक्रव्यूह में फंसना जानता हूं, तो अपनी ईमानदारी के दम पर उस चक्रव्यूह को तोड़कर बाहर निकलना भी मुझे बहुत अच्छी तरह से आता है। इस जंग में अंतिम जीत केवल और केवल सत्य की होगी, और अंतिम जीत डॉक्टर किरोड़ी लाल की ही होगी।"

डोटासरा पर किरोड़ी लाल का तीखा पलटवार

अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देने के साथ ही डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उनके पिछले कार्यकाल के दौरान हुए भर्ती घोटालों की याद दिलाते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप मढ़े। किरोड़ी लाल ने कहा कि जो लोग खुद भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे रहे, वे आज दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं।

डोटासरा पर सीधा हमला बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा, "कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जब पिछले कार्यकाल में सत्ता में थे, तब उनके समय में कुल 18 में से 17 सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करवाए गए थे। आप सभी अच्छी तरह जानते हैं कि पिछले 5 वर्षों के दौरान, चाहे कड़कड़ाती सर्दी रही हो या झुलसा देने वाली गर्मी, मैं हमेशा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की तरह युवाओं के हक के लिए सड़कों पर डटा रहा। राजस्थान के बेरोजगार युवाओं और किसानों को न्याय दिलाने के लिए मैंने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ लगातार लाठियां खाईं और संघर्ष किया। आज जब इन लोगों को एक छोटा सा मौका मिला है, तो वे मुझ पर बेबुनियाद सवाल उठा रहे हैं।"

डोटासरा का जवाबी हमला, मांगा इस्तीफा

दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और उन्होंने कृषि मंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर उनके इस्तीफे की मांग को पूरी मजबूती से दोहराया है। डोटासरा ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए इस घूसकांड के विभिन्न किरदारों के आपसी संबंधों को उजागर किया है।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों सीकर जिले में संदीप नाम के व्यक्ति पर कृषि मंत्री के नाम का धौंस दिखाकर अधिकारियों से अवैध उगाही करने का सीधा आरोप लगा था और उस समय कथित तौर पर उसे बचाने के प्रयास किए गए थे।राजस्थान राज्य बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई की एसीबी द्वारा पकड़ी गई कथित बातचीत में भी इस बात का साफ जिक्र है कि सीकर वाले संदीप का मामला पूरी तरह से उजागर हो चुका है।

डोटासरा ने कहा कि अब जब उसी संदीप का नाम करोड़ों रुपए के इस नए रिश्वत कांड और नकली बीज वितरण मामले में सीधे तौर पर सामने आ रहा है, तो सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। पहले एसीबी की छापेमारी, फिर बिचौलियों की सेटिंग, अवैध उगाही, नामजद एफआईआर, गिरफ्तारियां और कॉल रिकॉर्डिंग के पुख्ता सुबूतों से अब सब कुछ पूरी तरह साफ हो चुका है। इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद कृषि मंत्री को तुरंत पद से हट जाना चाहिए।