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Karauli: ट्रेन की चपेट में आने से महिला सहित 2 मासूमों की हुई थी मौत, तीनों की हुई पहचान, मृतका डॉक्टर की पत्नी

Karauli hindaun city News : ढिंढोरा-हुक्मीखेड़ा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाली महिला और दो मासूम बच्चियों की पहचान हो गई है। मृतका गंगापुर सिटी निवासी एक चिकित्सक की पत्नी थी।

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Hindaun City Train Accident

मृतक महिला और बच्चे। फाइल फोटो- पत्रिका नेटवर्क

हिण्डौनसिटी। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर स्थित ढिंढोरा-हुक्मीखेड़ा हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की मौत के मामले में पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त कर ली है। मृतका की पहचान गंगापुर सिटी क्षेत्र के टोकसी गांव निवासी मधुबाला के रूप में हुई है, जबकि उसके साथ दो बच्चियां साल वर्षीय गुड़िया और तीन वर्षीय यशस्वी थीं। तीनों के शव हिण्डौन जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए हैं। मामले में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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मंगलवार को हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार मृतका मधुबाला का पीहर श्रीमहावीरजी क्षेत्र के कुंजेला गांव में है। वह गंगापुर सिटी में संविदा पर कार्यरत डॉ. गौरव मीना की पत्नी हैं। हालांकि महिला और दोनों बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जीआरपी पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ढिंढोरा-हुक्मीखेड़ा हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ था।

ट्रेन की चपेट में आए तीनों

रेलवे स्टेशन से नॉन स्टॉप गुजर रही बयाना-जयपुर फास्ट पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से एक महिला और दो छोटे बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। जीआरपी थाना गंगापुर सिटी के अधिकारियों के अनुसार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्टेशन मास्टर ने सूचना दी थी कि एक महिला दो बच्चों के साथ अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गई, जिससे वे ट्रेन की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

हादसे के बाद शवों के पास से एक पिट्ठू बैग भी मिला था, जिसमें बच्चों के कपड़े और करीब 700 रुपए रखे हुए थे। प्रारंभिक स्तर पर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। जीआरपी ने आसपास के गांवों में सूचना पहुंचाई और लोगों से शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया था। बाद में परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से मृतकों की पहचान हो सकी। फिलहाल जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।