करौली. विदाई लेता मानसून एक बार फिर जिले के विभिन्न इलाकों में पकी हुई बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है।
करौली. विदाई लेता मानसून एक बार फिर जिले के विभिन्न इलाकों में पकी हुई बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। गुरुवार को सुबह से ही जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। खेतों में कटकर रखी फसल के भीगने से उसमें नुकसान की आशंका को लेकर किसान चिंतित हो उठे। कुछ जगह तो खेत में अधिक पानी भरने से फसल में नुकसान हुआ है।
जिला मुख्यालय पर बुधवार को सुबह से मौसम साफ रहा। करीब दोपहर 12 बजे मौसम ने पलटा खाया और बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलने लगी। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जिससे मौसम में तरावट आ गई। इसके बाद करीब एक घण्टे तक कभी तेज तो कभी मंद गति से बारिश का दौर चला। इसके बाद शाम तक बादल छाए रहे। बारिश के चलते सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम में तरावट आ गई। हवा और बारिश के बाद मौसम में तरावट आई है, जिससे तापमान में भी कमी आने से गर्मी से राहत मिली है। इस दौरन करौली में 11 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं हिण्डौनसिटी में 41 एमएम बारिश हुई है। जबकि जिले के मण्डरायल कस्बे में 53 एमएम बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। इससे किसान बाजरे की फसल को लेकर चिंतित हैं। गौरतलब है कि इन दिनों खेतों में बाजरे की फसल कटकर पड़ी हुई है। सपोटरा के जीरौता गांव में भी तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे बाजरे की पकी फसल भीग गई।ऐसे में किसानों का कहना है कि इन दिनों बारिश से बाजरे की फसल में नुकसान हो रहा है।