करौली

दीपकों की लौ बढ़ाएगी दीपोत्सव की उमंग, जगमग होंगे आंगन

करौली. दीपावली के मौके पर धन-धान्य की देवी मां लक्ष्मी को घर-आंगन में जगमगाहट के साथ प्रसन्न करने के लिए इन दिनों मिट्टी के दीपकों के निर्माण में तेजी आई है।

less than 1 minute read
Oct 13, 2022
दीपकों की लौ बढ़ाएगी दीपोत्सव की उमंग, जगमग होंगे आंगन

करौली. दीपावली के मौके पर धन-धान्य की देवी मां लक्ष्मी को घर-आंगन में जगमगाहट के साथ प्रसन्न करने के लिए इन दिनों मिट्टी के दीपकों के निर्माण में तेजी आई है। मिट्टी दीपक बनाने वाले कुंभकारों के चाक ने गति पकड़ ली है। दीपावली के मद्देनजर शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में दीपक बनाए जा रहे हैं।

हालांकि अब मिट्टी के दीपकों पर भी आधुनिकता का रंग चढ़ा है और कुंभकारों के चाक हाथ से नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक मोटर से घूम रहे हैं। इससे उनकी मेहनत तो कम हुई है, वहीं साल दर साल मिट्टी दीपकों की मांग भी बढ़ी है। कुंभकारों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से दीपावली के अवसर पर दीपकों की मांग में बेहताशा वृद्धि हुई है। इससे व्यवसाय तो अच्छा होता है।
मिट्टी हो गई मंहगी
कुंभकारों के अनुसार मिट्टी दीपकों की प्रतिवर्ष मांग बढ़ती जा रही है, जिससे अधिक दीपक बनाए जाते हैं, लेकिन साल दर साल मिट्टी पर भी महंगाई की रंग चढ़ गया है। चार-पांच वर्ष पहले तक एक ट्रॉली मिट्टी करीब 4 हजार रुपए तक में मिल जाती थी, जिसके दाम अब बढ़कर 7 हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। जबकि दीपकों के दाम में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। दीपक बनाने के लिए परिवार के सभी सदस्य जुटते हैं।

डेढ़ दर्जन परिवार बनाते हैं दीपक
शहर में करीब डेढ़ दर्जन परिवार मिट्टी के दीपक बनाते हैं।कुंभकार बताते हैं कि शहर में 15 से अधिक परिवार मिट्टी दीपक बनाने का कार्य करते हैं। हालांकि महंगाई के मुताबिक मिट्टी दीपकों के दाम में इजाफा नहीं हुआहै। चटीकना मोहल्ला निवासी मोहनलाल प्रजापत, बत्तीलाल, रोशन, भोली आदि बताते हैं कि दीपावली पर मिट्टी दीपकों की बढ़ती मांग के मद्देनजर कई दिन पहले से दीपक बनाना शुरू कर दिया है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में दीपक बनाए जा रहे हैं।

Published on:
13 Oct 2022 06:06 pm
Also Read
View All

अगली खबर