करौली

अग्निशमन यंत्र खराब, उपचार किट खाली, रोडवेज बसों की बदहाली

करौली. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का कोई महत्व नजर नहीं आता।

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Nov 13, 2022
अग्निशमन यंत्र खराब, उपचार किट खाली, रोडवेज बसों की बदहाली

करौली. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का कोई महत्व नजर नहीं आता। बसों की हालत तो खस्ता है ही। बसों में यात्रियों को उपलब्ध फस्र्ट एड बॉक्स उपलब्ध नहीं होता। न ही चालक की केबिन के पीछे बॉक्स में सुझाव पुस्तिका और अग्रिशमन यंत्र दिखाई देते है। पत्रिका टीम ने करौली रोडवेज बस स्टैंड का जायजा लिया तो मौके पर कई बसों में इन सुविधाओं का अभाव नजर आया।

प्राथमिक उपचार के लिए पट्टी ना मरहम
यात्रा के दौरान बसों में अचानक ब्रेक लगने या झटका लगने से यात्री के चेहरे या शरीर में कहीं चोट आ जाए या खून बहने लगे तो इसके लिए प्रत्येक बस में निर्माण के दौरान ही फस्र्ट एड बॉक्स की सुविधा मुहैया होती है। इसमें रूई पट्टी, डिटोल या अन्य उपचार संबंधी मरहम आदि होते हैं। जिससे प्राथमिक उपचार कर तत्काल चोट से बह रहे रक्त को रोका जा सके। उपचार केन्द्र तक पहुंचा जा सके। इसे लेकर पत्रिका टीम ने जब बसों में जाकर देखा तो कई बसों में फस्र्ट एड बॉक्स नहीं मिले, तो कई में खाली पड़े मिले।

सुरक्षा की नहीं है फिक्र
बसों में मुख्यालय के अधिकारियों के नम्बर जरूर लिखे थे, लेकिन वह शॉर्ट में होने के कारण इनका अर्थ आमजन नहीं समझ पाते। जैसे टोल फ्री, सीआर, सीएम, टीएम व एमओ। इनके आगे मोबाइल नम्बर अंकित जरूर होते हैं लेकिन किस समस्या के लिए कौन से अधिकारी का नम्बर है इसकी विस्तृत जानकारी नहीं लिखी थी।

कबाड़ की तरह पड़े अग्निशमन यंत्र
रोडवेज बसों में अग्निशमन यंत्र कबाड़ की तरह रखे हुए नजर आए। नियमानुसार यंत्र समय पर सिलेंडर की रिफङ्क्षलग करा कर चालक केबिन के पीछे लगा होना चाहिए, लेकिन अधिकांश बसों में निर्धारित स्थान के बजाए अग्निशमन यंत्र चालक की सीट के पीछे कबाड की तरह पड़े मिले।

सुझाव पेटिका में डिस्पोजल गिलास
बसों में सुझाव पुस्तिका की भी अनिवार्यता है। इसमें यात्री अपनी शिकायत या सुझाव लिखकर रोडवेज प्रबंधन तक पहुंचा सकते हैं। लेकिन कई बसों में सुझाव पेटिका गायब मिली। एक बस में चालक केबिल के पीछे लगी सुझाव पेटिका में डिस्पोजल गिलास रखे मिले। ऐसे में पता चलता है कि यात्रियों की सुविधाओं को लेकर आरएसआरटीसी अधिकारी कितने संवेदनशील है, यह साफ दिख रहा है।

इनका कहना है
नियमानुसार रोडवेज बसों में अग्निशमन यंत्र, सुझाव पेटिका व फस्र्ट एड बॉक्स होने चाहिए। अगर नहीं हैं, तो जांच कराकर लगवाए जाएंगे।
गजानंद जांगिड़, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज आगार, हिण्डौन-करौली

Published on:
13 Nov 2022 04:04 pm
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