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चम्बल में पानी की आवक से कई गांव कराए खाली

चम्बल में पानी की आवक से कई गांव कराए खाली कोटा से छोड़े पानी से करणपुर -मण्डरायल में चम्बल किनारे के गांव प्रभावितप्रशासन चौकस, एसडीआरएफ की टीम इलाके में तैनात करौली. कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने और बारिश के कारण करौली जिले में करणपुर-मण्डरायल में होकर गुजर रही चम्बल नदी उफान पर है। चम्बल नदी खतरे के निशान से 4 मीटर अधिक है। इस कारण चम्बल किनारे के कुछ गांव प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम की मदद से खाली कराए हैं तो कुछ गांवों में मुनादी कराकर गांव खाली करने की चेतावनी दी है।
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चम्बल में पानी की आवक से कई गांव कराए खाली

चम्बल में पानी की आवक से कई गांव कराए खाली

चम्बल में पानी की आवक से कई गांव कराए खाली

कोटा से छोड़े पानी से करणपुर -मण्डरायल में चम्बल किनारे के गांव प्रभावित
प्रशासन चौकस, एसडीआरएफ की टीम इलाके में तैनात

करौली. कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने और चम्बल के रास्ते के बीच बारिश के कारण करौली जिले में करणपुर-मण्डरायल में होकर गुजर रही चम्बल नदी उफान पर है। दोनों इलाकों में चम्बल नदी खतरे के निशान से 4 मीटर अधिक ऊंचाई पर है। इस कारण चम्बल किनारे बसे गांवों में अलर्ट किया गया है। कुछ गांव प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम की मदद से खाली कराए हैं तो कुछ गांवों में मुनादी कराकर गांव खाली करने की चेतावनी दी गई है।
तीन दिन से चम्बल नदी में कोटा की ओर से पानी की आवक हो रही है। इस कारण करणपुर-मण्डरायल इलाके में प्रशासन ने चंबल से सटे गांवों में हाई अलर्ट जारी कर रखा है। लगातर बढ़ रहे जलस्तर के कारण मंगलवार शाम महाराजपुरा पंचायत के गौटा गांव को प्रशासन ने खाली करा दिया था। अब गौटा गांव जल मग्न है। इसके अलावा करणपुर इलाके के ही मल्हापुरा, झूकरी, बंधबारा, दर्रा नीदरियापुरा, फत्तेपुरा से भी लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता रहा।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने मंडरायल और करणपुर के लिए एसडीआरएफ के जवानों की टीम लगाई हुई है।
टोडी गांव को कराया खाली

इसी प्रकार मण्डरायल इलाके में चंबल किनारे के टोडी गांव से एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करके 67 लोगों को रानीपुरा सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल में पहुंचाया गया है। वहां उनके रहने -खाने के प्रबंध किए गए हैं। मण्डरायल क्षेत्र में पांचोली पंचायत के टोडी, बर्रेड मल्हापुरा, रांचौली, दुबोलियापुरा, मोंगेपुरा पंचायत के बूढ़ीन, गोहार, रोधई पंचायत के कैमकच्छ गांव के चारों तरफ पानी भरा है। इन गांवों के लोगों को समझाइश करके बाहर निकालने के प्रयास पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कर रहे हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर सुर्दशन सिंह तोमर ने बताया कि करणपुर मण्डरायल इलाके में चम्बल नदी के खतरे के निशान से 4 मीटर अधिक चलने के कारण चम्बल किनारे के गांवों पर प्रशासन नजर बनाए हुए हैं। लोगों को समझाइश करके उन्हें गांवों से निकाला गया है।

रास्ता बंद- बिजली ठप

इलाके में बारिश के चलते और नदी-नालों के पानी की आवक के कारण करणपुर से मंडरायल और बालेर सड़क मार्ग 7 दिन से बंद है। कई जगह जमीन दलदली होने
से 33 केवी विद्युत लाइन के पोल गिर गए हैं। इससे इलाके की बिजली आपूर्ति भी ठप है। कनिष्ठ अभियंता रामनिवास
ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद इसे सही करने की कार्रवाई की जाएगी।

टोडी गांव को कराया खाली

इसी प्रकार मण्डरायल इलाके में चंबल किनारे के टोडी गांव से एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करके 67 लोगों को रानीपुरा सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल में पहुंचाया गया है। वहां उनके रहने -खाने के प्रबंध किए गए हैं।
मण्डरायल क्षेत्र में पांचोली पंचायत के टोडी, बर्रेड मल्हापुरा, रांचौली, दुबोलियापुरा, मोंगेपुरा पंचायत के बूढ़ीन, गोहार, रोधई पंचायत के कैमकच्छ गांव के चारों तरफ पानी भरा है। इन गांवों में टोडी को खाली कराया गया है। जबकि कैमकच्छ, गोहार, मल्हापुरा में जलभराव अधिक होने से है।
उपखंड अधिकारी प्रदीप कुमार चौमाल, तहसीलदार भोलाराम बैरवा, विकास अधिकारी विजय सिंह मीना, थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह चौधरी लगातार चम्बल किनारे के गांवों के लोगों को समझाइश करके बाहर निकालने के प्रयास कर रहे हैं।