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सपोटरा में इंस्टॉल की डायलिसिस मशीन,हिण्डौन में कोर्डिनेटर तय किया कक्ष

हिण्डौनसिटी. किडनी रोगियों की सुविधा के लिए रा’य सरकार की ओर से रा’य सरकार की ओर से भेजी गई डायलिसिस मशीनें अब जल्द शुरू होगीं। राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद डिब्बाबंद रखी डायलिसिस मशीनों को इंस्टॉल कर संचालित करने की कवायद प्रारंभ हो गई। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (जन स्वास्थ्य) ने प्रदेश के सभी सीएसएचओ व 175 चिकित्सालयों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर दोपहर में ही डायलिसिस मशीन के संचालन की स्थिति की त्वरित जानकारी मांग लगी।

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हिण्डौनसिटी. किडनी रोगियों की सुविधा के लिए रा’य सरकार की ओर से रा’य सरकार की ओर से भेजी गई डायलिसिस मशीनें अब जल्द शुरू होगीं। राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद डिब्बाबंद रखी डायलिसिस मशीनों को इंस्टॉल कर संचालित करने की कवायद प्रारंभ हो गई। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (जन स्वास्थ्य) ने प्रदेश के सभी सीएसएचओ व 175 चिकित्सालयों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर दोपहर में ही डायलिसिस मशीन के संचालन की स्थिति की त्वरित जानकारी मांग लगी।


हिण्डौन जिला स्तरीय चिकित्सालय सहित प्रदेश के 175 चिकित्सालयों में किडनी रोगियों की सुविधा के लिए फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में डायलिसिस मशीनेें भिजवाई थी। करौली जिले के हिण्डौन जिला चिकित्सालय, सपोटरा व टोडाभीम चिकित्सालय में एक माह बाद भी मशीनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। राजस्थान पत्रिका ने 18 मार्च के अंक में ‘अस्पताल में डिब्बाबंद डायलिसिस, किडनी रोगी करौली जाने को मजूबर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर चिकित्सा अधिकारियों की उदासीनता और रोगियों की पीड़ा को प्रमुखता से उजागर किया था।

पत्रिका में प्रकाशित समाचार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ.रवि प्रकाश माथुर ने गंभीरता से लिया और प्रदेश के सभी 49 जिलों के जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व 175 चिकित्सालयों के चिकित्साअधिकारियों को सुबह पत्र जारी कर दोपहर 3 बजे तक आरएमएससीएल ओर से भेजी हिमोडायलिसिस मशीन के संचालन की जानकारी मांंग ली।

इस पर हकरत में आए चिकित्सा अधिकारियों ने जरुरी उपकरणों व कार्मिकों के बारे जानकारी उ”ााधिकारियों को भेज कर डायलिसिस मशीनें शुरू की प्रक्रिया को गति देने में जुट गए। इधर करौली से संजीवनी प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी के डायलिसस कोर्डिनेटर विश्वेंद्र सिंह चौहान ने दोपहर में चिकित्सालय पहुंच डायलिसिस के लिए आउटडोर में 26 नम्बर कक्ष का तय किया।

जिसे मरम्मत व रंग रोगन कर डायलिसिस वार्ड के रूप में तैयार किया जाएगा। वहीं सपोटरा के सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी ने बायो इंजीनियर बुलवा कर एक कक्ष में डायलिसिस मशीन व आरओ प्लांट का स्टॉलेशन करवा दिया।

यह मांगी जानकारी-
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद प्रदेश के सभी 175 चिकित्सालयों से दो हिमोडायलिसिस मशीन, एक आरओ प्लांट कर प्राप्ति, उपकरणों के चिकित्सालय में स्थापित करने की स्थिति तथा दो ऐसी व दो हिमोडायलिसस मशीन प्राप्त होने की बिन्दुबार जानकारी मांगी थी।

आईसीयू बैड आए न एसी-
चिकित्सकों के अनुसार डायलिसिस रूम वातानुकूलित होने के साथ उसमें दो आईसीयू पलंग होते हैं। डायलिसस मशीन और और आरओ प्लांट के साथ एसी और आईसीयू पलंगों की आपूर्ति नहीं मिली है।