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प्रकाश सिंह कमेटी द्वारा सामने लाए गए दोषों से छुटकारे के लिए हरियाणा सरकार ने किया आयोग का गठन -हुड्डा

हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार का एकमात्र एजेंडा भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ही बना हुआ है...
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करनाल

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Prateek Saini

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Updated: 10 Aug 2018, 6:24 PM IST

bhupendra singh hudda

bhupendra singh hudda

(चंडीगढ): पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को यहां हरियाणा में फरवरी 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से उनको जोडे जाने के वित मंत्री कैप्टेन अभिमन्यु के आरोपों का जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि इस हिंसा के मामले में पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह कमेटी ने सारा सच उजागर किया था और मुख्यमंत्री के स्तर से भी कार्रवाई न किए जाने का दोष लगाया था। अब इस सरकार ने इन दोषों से छुटकारे के लिए हिंसा की जांच के लिए फिर आयोग का गठन कर दिया है। हुड्डा का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि आगामी 17 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है।

हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार का एकमात्र एजेंडा भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को दबाने के बाद इस सरकार के मंत्री आरोप लगा रहे हैं। वास्तव में इसी सरकार द्वारा गठित की गई प्रकाश सिंह कमेटी ने ही फरवरी 2016 की हिंसा के लिए सरकार को ही दोषी ठहराया था। इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस के सत्ता में आने पर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फरवरी 2016 की हिंसा के लिए दोषी
लोगों पर कार्रवाई की जाएगी? हुड्डा ने कहा कि सरकार आने दो। हुड्डा ने कहा कि हमने तो इस हिंसा की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से कराने की मांग की थी। अब इस सरकार के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ही कह रहे हैं कि हिंसा को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं कर पाए। फिर दूसरों को क्यों दोषी ठहराया जा रहा है। कानून-व्यवस्था तो आज भी खराब है। सरकार नाम की चीज कहीं दिखाई नहीं देती। तीन बार तो हरियाणा जलाया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्रदेश में निकाली जा रही जनक्रांति यात्राओं में जिस तरह लोग उमड रहे है उससे साफ है कि लोग इस सरकार को हटाने के लिए तैयार बैठे है। दिखाई तो यह भी दे रहा है कि जनता इस सरकार से दुखी है तो सरकार भी दुखी है। तभी तो मुख्यमंत्री को अपने निर्वाचन क्षेत्र करनाल में पर्दे के पीछे बैठकर जनसुनवाई करनी पडी। खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार दिए जाने के केन्द्र सरकार के दावे पर हुड्डा ने कहा कि यूपीए की सरकार ने इससे अधिक दिया था। वास्तव में लागत बढी है और किसान की आय घटी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि मैं किसान हूं। हुड्डा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री किसान रहे हैं तो बताएं कि उन्होंने किसान के लिए क्या किया। कभी वो कहते है कि मैं कपडे का व्यापारी रहा हूं लेकिन उन्होंने कपडे के व्यापारियों को बेईमान कह दिया।