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दम तोड गई हरियाणा सरकार की प्रतिमाह ढाई किलो दाल की योजना

अब इसके स्थान पर प्रति परिवार प्रतिमाह दो किलो सरसों का तेल दिया जाएगा...
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हिसार

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Prateek Saini

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Updated: 10 Aug 2018, 3:33 PM IST

haryana cm

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(चंडीगढ): बढती और घटती महंगाई का क्या असर होता है, इस बात को हरियाणा सरकार के इस फैसले से समझा जा सकता है कि प्रदेश सरकार ने दालों के दाम बढने पर बीपीएल को सस्ते राशन के साथ प्रतिमाह ढाई किलो दाल देने की अपनी योजना वापस ले ली। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री करणदेव काम्बोज ने गुरूवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि दाल के दाम चढने पर इस योजना को वापस ले लिया गया है। अब इसके स्थान पर प्रति परिवार प्रतिमाह दो किलो सरसों का तेल दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने अपनी ओर से 2लाख 56 हजार राशन कार्ड होल्डर को ही चीनी का कोटा तय किया है लेकिन हरियाणा सरकार ने इस कोटे के बाहर भी बीपीएल राशन कार्ड होल्डर को प्रति राशन कार्ड एक किलो चीनी देने का फैसला लागू किया। काम्बोज ने बताया कि एक सर्वे में पता चला था कि हरियाणा में 14 साल से कम उम्र की बच्चियों में रक्त की कमी है। इस पर पोषक तत्वों को मिश्रित कर फोर्टिफाइड आटा वितरण का फैसला किया गया। यह आटा वितरण पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अम्बाला व करनाल जिलों में शुरू किया जाएगा। इसके बाद समूचे प्रदेश में इसका वितरण किया जाएगा।

काम्बोज ने बताया कि विभाग के स्तर पर उपभोक्तओं से मिलने वाली शिकायतों का तेजी से निपटारा किया जाता है। मुख्यमंत्री की पोर्टल यानि सीएम विंडो पर मिली 11485 शिकायतों में से अब तक 10851 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। राज्य उपभोक्ता मंच को भेजी गई शिकायतों में से नब्बे फीसदी का निपटारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के खाते में सीधे भुगतान की केन्द्र सरकार की योजना हरियाणा में सिरे नहीं चढ पाई। सीधे बैंक खाते में भुगतान पाने के लिए किसानों को मार्केट कमेटी में पंजीयन कराने की जरूरत होती है लेकिन इस सिलसिले में एक भी आवेदन नहीं आया। किसानों के सीधे बैंक खाते में भुगतान योजना में दिलचस्पी न लेने के कारण पूछे जाने पर काम्बोज ने कहा कि किसान और आढतियों के बीच लेन-देन के जो सम्बन्ध हैं उसके चलते किसान बैंक खाते में भुगतान में दिलचस्पी नहीं ले रहा।