
करनाल. जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से शहर में वैध की जाने वाले कॉलोनियों में शुद्ध पेयजल कनेक्शन तथा सीवरेज की व्यवस्था देने की तैयारी कर ली है। इस सुविधा के लिए विभाग की ओर से पानी की प्रति व्यक्ति खपत के हिसाब से सर्वे भी करवाया गया है। जल्द ही नई पाइप लाइन बिछने से लोगों को घर में ही नल के जरिये जल मिलेगा।
विभाग की अमरूत योजना के तहत जन स्वास्थ्य एंव अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के करीब 8826 घरों को नए कनेक्शन देकर नल से शुद्ध जल दिया जाएगा। विभाग द्वारा इस योजना में 25 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। पानी के नए कनेक्शन अभी हॉल ही में हुई वैध कॉलोनियों में भी दिए जाएंगे। शहर में आरके पुरम पार्ट दो, प्रीतमपुरा, भगवती, हेफेड कॉलोनी सहित अन्य कई कॉलोनियों को इसमें शामिल किया गया है। शहर के साथ-साथ निसिंग, तरावड़ी, नीलोखेड़ी व असंध में भी जरूरत अनुसार गहरे ट्यूबवेल, नई पाइप लाइन, घर में नल तथा पानी का नया कनेक्शन भी दिया जाएगा। विभाग की इस परियोजना से जहां लोगों को उनके घर पर ही शुद्ध पेयजल मिलेगा वहीं विभिन्न वार्डों में पानी की लीकेज की समस्या भी दूर होगी।
पहले शहर में एक पानी कनेक्शन का प्रतिमाह घरेलू बिल 60 रुपये प्रतिमाह तथा जहां मीटर नहीं है उनसे 120 रुपये प्रमिमाह बिल लिया जा रहा है। वहीं दुकानदारों से 125 रुपये प्रतिमाह तथा औद्योगिक संस्थानों से 1250 रुपये प्रतिमाह बिल लिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के लिए प्रतिमाह 20 रुपये तथा सामान्य वर्ग के लिए 40 रुपये प्रतिमाह का बिल निर्धारित किया गया है।
कहां कितनी राशि होगी खर्च
निसिंग में चार करोड़ 49 लाख रुपये की राशि से ट्यूबवेल, पंप चैंबर, वीएफडी, वाटर मीटर, एफएचटीसी लगेंगे। तरावड़ी में 4 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से दो गहरे ट्यूबवेल, दो पंप चैंबर, वीएफडी, वाटर मीटर, एफएचटीसी स्थापित होंगे। नीलोखेड़ी में छह करोड़ 71 लाख रुपये की राशि से ट्यूबवेल, पंप चैबर, वीएफडी, वाटर मीटर, एफएचटीसी लगाए जाएंगे। असंध में 1028 लाख रुपये की राशि से 3.50 एमएलडी का एक सेप्टिक टैंक, शहर में पुन उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अधिकारी अभिषेक शेर ने बताया कि विभाग की अमरूत 2.0 के तहत हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध जल देने का प्रयास है। इसके लिए उन घरों व हाल में ही वैध हुई कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है जिनमें पहले न तो पाइपलाइन थी तथा न ही घरों में नल के जरिये पेयजल पहुंच रहा था।
Updated on:
24 Nov 2024, 6:24 PM IST
Published on:
24 Nov 2024, 6:24 PM IST
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