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भाजपा को कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाले भी कांग्रेसी

Haryana: पार्टी के कई मगरमच्छ नहीं चाहते कि युवा नेतृत्व उभरे, प्रदेश व देश में कांग्रेस आईसीयू में पहुंचे मरीज की तरह
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करनाल

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Chandra Prakash sain

•

Updated: 11 Oct 2019, 7:02 AM IST

भाजपा को कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाले भी कांग्रेसी

भाजपा को कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाले भी कांग्रेसी

चंडीगढ़. करीब ढाई दशक तक कांग्रेस में रहने वाले हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने शीर्ष कांग्रेसी नेताओं के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए कहा है कि भाजपा को कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाला कोई और नही बल्कि कांग्रेसी नेता ही हैं। कांग्रेस के दिल्ली दरबार में बैठे कई नेता भाजपा का यह सपना साकार करने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को पहली बार चंडीगढ़ पहुंचे अशोक तंवर ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ी लॉबी कांग्रेस को ही खत्म करने में लगी हुई है। देशभर में भाजपा के खिलाफ न्याय का नारा देने वाली कांग्रेस में अपनों के साथ ही न्याय नहीं हो रहा है।

अशोक तंवर ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीतिक भाषा में कांग्रेस को बच्चा खाणी पार्टी कहा जाता है। जिसका मतलब अब समझ में आ रहा है। तंवर ने कहा कि यहां कई युवा नेताओं की तो भ्रूण हत्या ही कर दी जाती है जबकि कई युवा नेता जब अपने पैरो पर खड़े होते हैं तो पार्टी में बैठे मगरमच्छ उन्हें खा जाते हैं। पूर्व अध्यक्ष ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की एक नई टीम तैयार हो रही थी। जिसका पूरे देश में फैलाव हो रहा था लेकिन कुछ वरिष्ठ व उम्रदराज नेताओं ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए ऐसे हालात पैदा कर दिए कि राहुल गांधी को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया।

तंवर ने कहा कि राहुल गांधी के संरक्षण में वह पांच साल तक हरियाणा में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहे लेकिन कुछ नेताओं द्वारा प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी साजिश की जा रही है। यह साजिश कभी संसद के बाहर होती है तो कभी गुप्त बैठकों में होती है। इन्हीं कारणों के चलते आज हरियाणा ही नहीं देशभर में कांग्रेस पार्टी आईसीयू में पहुंच चुकी है। कांग्रेस को चिंतर,मनन, आत्मचिंतन करने के साथ-साथ पार्टी के भीतर ही राजनीतिक स्वच्छता अभियान चलाने की जरूरत है।

सोनिया की सहमति केवल औपचारिकता

हरियाणा में टिकट आबंटन से गुस्साए अशोक तंवर ने कहा कि किसी भी राज्य में चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के ऐलान से पहले अंतिम सहमति सोनिया गांधी की ली जाती है। जिसमें उन्हें पूरे राजनीतिक समीकरण बताए जाते हैं लेकिन वह केवल औपचारिकता होती है। तंवर ने कहा कि सोनिया गांधी तक सूची पहुंचने से पहले कई नेता अपना खेल कर जाते हैं। इस खेल में हरियाणा व केंद्र के नेता आपस में मिले हुए हैं।