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हरियाणा सूचना आयोग ने नोटिस जारी कर सभी एडीसी किए तलब

शहरी निकाय, पंचायती राज व पुलिस निदेशालय पर 15 हजार रुपए का जुर्माना

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हरियाणा सूचना आयोग ने नोटिस जारी कर सभी एडीसी किए तलब

हरियाणा सूचना आयोग ने नोटिस जारी कर सभी एडीसी किए तलब

चंडीगढ़. राज्य सूचना आयुक्त जय सिंह बिश्नोई ने आवारा पशुओं बारे आरटीआई एक्ट में सूचना ना देने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी 29 जिलों के एडीसी को नोटिस भेजकर तलब किया है। साथ ही गौ सेवा आयोग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, राज्य पुलिस मुख्यालय, शहरी स्थानीय निकाय विभाग व पंचायत एवं विकास विभाग निदेशालय के जन सूचना अधिकारियों को भी तलब किया है। साथ ही शहरी निकाय, पंचायती राज व पुलिस निदेशालय पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। केस की सुनवाई तीन फरवरी 2020 को राज्य सूचना आयोग में होगी।
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि पूरे हरियाणा में गाय, बैल, सांड, आदि आवारा पशुओं का आतंक है। रोजाना लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे, मर रहे हैं। किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। जबकि सरकार ने प्रदेश को आवारा पशुओं से मुक्त करना था। इसी संदर्भ में उन्होंने पिछले वर्ष 1 अक्टूबर 2018 को हरियाणा गौ सेवा आयोग से 11 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी। इस सूचना को तमाम जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों, शहरी स्थानीय निकाय, पुलिस मुख्यालय, पंचायती राज निदेशालय, गौ सेवा आयोग व पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने देना था। पशुपालन विभाग के इलावा किसी ने सूचना नहीं दी।
कपूर ने बताया कि उनकी आरटीआई के जवाब में अभी तक प्राप्त सूचना से खुलासा हुआ है कि पिछले पांच वर्षों से हरियाणा में गौ सेवा आयोग का बजट 45 लाख से बढकऱ 30 करोड़ हुआ। फिर भी सरकार प्रदेश को आवार पशुओं के खतरे से मुक्त नहीं करा सकी। जबकि हरियाणा सरकार ने पहले गत वर्ष 15 अगस्त 2018 तक व फिर 1 जनवरी 2019 तक पूरे प्रदेश को आवारा पशुओं से मुक्त करने का लक्ष्य बनाया था। लेकिन ये अभियान दोनों बार विफल रहा।

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