कृषि कानून के समर्थन और विरोध में कार्यक्रम और प्रदर्शन.
कटनी. केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के समर्थन और विरोध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय में दो तरह की तस्वीरें सामने आई। पहली तस्वीर कृषि उपज मंडी के साथ ही जिलेभर के विकासखंड मुख्यालयों में कृषि कानून के फायदों को लेकर आयोजित कृषि सम्मेलन का आयोजन रहा। इसमें 15 हजार से ज्यादा किसानों का पंजीयन हुआ। दूसरी तस्वीर विरोध का रहा। इसमें अलग-अलग संगठनों के किसान और किसान नेता बैलों की जगह खुद ही बैलगाड़ी खींची। कचहरी चौक पहुंचे। प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
बाहर फसल बेचकर लाभ कमाने वाले किसान लखन और केशव का दिया उहाहरण
शुक्रवार को पूरे प्रदेश में किसान सम्मेलनों के आयोजन की कड़ी में कृषि उपज मंडी में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां कृषि कानूनों का लाभ बताने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। भाषण में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि जिले के कृषक लखन तिवारी और केशव दुबे से उनकी खुद चर्चा हुई है। उन्होने अपनी उपज मंडी के बाहर बेचकर बेहतर लाभ कमाया है और वे संतुष्ट भी हैं। सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम शिवराज को सुनने के लिए 15 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया। किसानों की संख्या के मामले में कटनी प्रदेश में चौथे स्थान पर रहा।
विरोध में बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय रैली निकाल सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय किसान मोर्चा के बैनरतले जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचने किसानों ने बैलों की जगह खुद बैलगाड़ी चलाकर बस स्टैंड से कचहरी चौक तक रैली निकाली। कृषि कानूनों के विरोध में नारे लगाए और नायब तहसीलदार रवींद्र पटेल को ज्ञापन सौंपा। जिला पंचायत सदस्य डॉ. एके खान, चैतू पटेल, श्रवण पटेल सहित बड़ी संख्या में पहुंची किसान व महिलाओं ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि किसान विरोध में पारित तीन काले कानून जो बगैर किसान के सहमति से पारित हुए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम में खरीदी करने वाले व्यापारियों पर मुकदमा दर्ज हो।