59 चिन्हित जर्जर भवनों को तोडऩे में ननि के अधिकारी बरत रहे गंभीर लापरवाही
कटनी। बीच शहर घंटाघर क्षेत्र में बुधवार की शाम उस समय हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई जब कनकने स्कूल के सामने स्थित एक जर्जर मकान का कुछ हिस्सा भरभराकर गिर गया और लगातार छज्जा सहित मलबा सड़क पर गिरने लगा। वहां पर मौजूद लोगों ने भागकर अपने आप को सुरक्षित किया और इसकी सूचना नगर निगम को दी। नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जर्जर मकान के गिरने वाले हिस्से को जेसीबी मशीन से तोड़कर अलग कराया। जानकारी के अनुसार कनकने स्कूल के सामने धर्मदास अग्रवाल का कई साल पुराना जर्जर मकान है। इस मकान में कई किरायेदार भी रह रहे थे। कई दिनों तक इस भवन में विवाद की स्थिति बनी रही। बुधवार की शाम जर्जर मकान का कुछ हिस्सा भरभराकर गिर गया। लोगों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना पर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री केपी शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शाम साढ़े पांच मकान का कुछ हिस्सा अपने आप गिरने की सूचना मिली। रात में या कभी भी जर्जर मकान के गिरने का अंदेशा था। ट्रैफिक को रोककर स्टॉफ को बुलाते हुए जर्जर मकान को तोड़ा गया है। वहीं इस कार्रवाई से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
नोटिस तक सीमित कार्रवाई
नगर निगम द्वारा 59 जर्जर भवन घोषित किए गए हैं। बारिश के पहले या हादसे न हों इसको लेकर कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। आए दिन जर्जर भवनों के छज्जे टूटकर गिर रहे हैं, लेकिन इन्हें ढहाने जिम्मेदार हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
कार्यपालन यंत्री नगर निगम केपी शर्मा का कहना है कि जर्जर मकान का कुछ हिस्सा टूटकर गिर गया था। सूचना पर मौके पर जाकर जांच की गई। काफी हिस्से के और गिरने का अंदेशा था, जिसके बाद टीम को बुलाकर ट्रैफिक रुकवाया गया और मशीन लगवाकर जर्जर हिस्से को गिराया गया है ताकि कोई हादसा न हो। लगातार कार्रवाई की जाती है। आगे भी जर्जर मकानों को तोड़ा जाएगा।