ढीमरखेड़ा क्षेत्र के तहत सनकुई गांव का मामला, डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर दिया उपचारसंक्रमण को बढऩे से रोकने के लिए अभिभावकों को दी गई समझाइश
कटनी. ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम सनकुई में चिकनपॉक्स वायरस के संक्रमण का मामला सामने आया है। एकसाथ गांव के 8 से 10 बजे चपेट में आ गए हैं, जिससे हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। खास लाल चकत्तों व दानों के साथ फैले संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। मौके पर पहुंचकर डॉक्टर ने टीम के साथ बच्चों को उपचार दिया है व सावधानी बरतने के लिए अभिभावकों को सुझाव।
जानकारी के अनुसार सनकुई की आशा कार्यकर्ता, सरपंच ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी कि गांव में कोई बीमारी फैल रही है। बच्चों को तेज बुखार, सर्दी, जुखाम, आंखों में लालिमा, आंखों में पसीना, शरीर में लाल चकत्ते, दाने व खुजली की समस्या बनी हुई है। एक के बाद एक बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। सूचना मिलते ही डॉ. नीतू बुंदेला एएनएम के साथ गां पहुंचीं और बच्चों की जांच करते हुए आवश्यक दवाएं दी हैं।
संक्रमण फैलने से रोकने दी समझाइश
डॉ. नीतू बुंदेला ने एक-एक करके सभी बच्चों की जांच की। बच्चों के माता-पिता से बात की और फिर दवाएं दीं। अभिभावकों को बताया कि इस संक्रमण को आगे बढऩे से रोकने का एक मात्र उपाय है कि बच्चे घरों पर आराम करें। दूसरों के संपर्क में न आएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उल्लेखनीय है कि मीजल्स, चिकनपॉक्स आदि के लिए फरवरी व मार्च का महीना संक्रमण काल का होता है, जिसका शिकार सनकुई के बच्चे हो गए हैं।
आज होगी फिर जांच
एक साथ 10 से ज्यादा बच्चों में वायरस का सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंतित है। वास्तव में मीजल्स है या फिर अन्य कोई संक्रमण इसकी जांच के लिए शनिवार को विभाग द्वारा ब्लड सेम्पल लिया जाएगा। अभी सिर्फ फिजिकली जांच हुई है। बता दें कि जिन बच्चों में संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं वे सभी 5 से 10 बर्ष के बीच के हैं। अन्य बच्चे संक्रमित न हों, इसके लिए दूसरे बच्चों से दूरी बनाकर रखने कहा गया है। जिन बच्चों में संक्रमण फैल गया है उनको ठीक होने से 12 से 15 दिन का समय लगेगा। ब्रजभूषण बैरागी ने बताया कि सूचना के बाद बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार दिया गया है।
वर्जन
सनकुई गांव में 10 बच्चों को मीजल्स चिकनपॉक्स जैसा संक्रमण पाया गया है। टीम को भेजकर जांच कराई गई है। आवश्यक दवाएं दी गई हैं। शनिवार को रक्त जांच भी कराई जाएगी। परिजनों व अभिभावकों को सफाई के साथ दूसरे बच्चों के संक्रमण में न आने की समझाइश दी गई है।
डॉ. बीके प्रसाद, बीएमओ उमरियापान।