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इस जिले को मिल गया था ओडीएफ का तमगा, जबकि थे ऐसे हालात, पढिय़े यह रिपोर्ट

दो साल पहले कटनी जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है, जानकर ताज्जबु होगा कि अभी भी जिले में 4 हजार से अधिक घरों में प्रसाधन नहीं है। कई परिवार अब भी खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। हालांकि जिन घरों में प्रसाधन नहीं हैं या फिर मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गए हैं, ऐसे परिवारों में फिर से प्रसाधनों का निर्माण हो रहा है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 10, 2020

Construction of toilets

Construction of toilets

कटनी. दो साल पहले कटनी जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है, जानकर ताज्जबु होगा कि अभी भी जिले में 4 हजार से अधिक घरों में प्रसाधन नहीं है। कई परिवार अब भी खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। हालांकि जिन घरों में प्रसाधन नहीं हैं या फिर मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गए हैं, ऐसे परिवारों में फिर से प्रसाधनों का निर्माण हो रहा है। जिले में लेफ्ट आउट बेसलाइन सर्वे के आधार पर 4 हजार 861 घरों में प्रसाधन निर्माण की प्रक्रिया तीन माह से चल रही है। हालांकि अभी तक जिले में 1503 प्रसाधनों का निर्माण हो चुका है। इन निर्माण कार्यों से कटनी में प्रसाधन निर्माण में जिला तीसरे स्थान पर है, लेकिन निर्माण की गति अब भी धीमी है। हालांकि इस बार हितग्राही ही प्रसाधन निर्माण में देरी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस बार कुछ प्रसाधनों को छोड़कर अधिकाशी शौचालय हितग्राही को स्वयं ही तैयार कराना है। निर्माण के बाद खाते में 12 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

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स्वच्छता जागरुकता के लिए भी पहल
इस अभियान में सिर्फ प्रसाधन के निर्माण पर फोकस नहीं किया जा रहा बल्कि स्वच्छता को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को रोको टोको, दुष्परिणाम बताकर व अन्य माध्यमों से स्वच्छता के लिए जागरुक किया जा रहा है, ताकि लोग खुले में शौच न करें। प्रसाधन का उपयोग करें। स्वच्छता के महत्व को समझाने स्कूलों में भी गतिविधियों का आयोजन कराया जा रहा है।

यह है निर्माण की ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक लक्ष्य निर्माण
बड़वारा 1226 336
बहोरीबंद 712 156
ढीमरखेड़ा 1700 462
कटनी 426 153
रीठी 115 60
विगढ़ 682 336
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योग 4861 1503
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खास-खास:
- स्वच्छता आंकलन 15 मई तक 997 गांव में चला था। सर्वे के लिए 532 स्वच्छताग्राही लगाए गए थे। 1626 संस्थाओं में भी स्वच्छता आंकलन कराया गया था। जिन घरों में प्रसाधन नहीं है या फिर उपयोगहीन हैं उसके बाद काम होना था वह नहीं कराया गया।
- समग्र आइडी में 4336 हितग्राही किए गए हैं मैप, 2953 हितग्राही स्वयं बना रहे हैं प्रसाधन, ग्राम पंचायतों द्वारा 446 प्रसाधनों का कराया जा रहा निर्माण, प्रोत्साहन राशि के लिए 2772 लोगों द्वारा की गई है मांग।
- जनपदों द्वारा 1305 प्रसाधन कर दिए गए हैं मान्य, बहोरीबंद जनपद द्वारा 13 व ढीमरखेड़ा द्वारा 433 का निर्माण ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जा रहा निर्माण, अभी तक एक करोड़ 88 लाख 800 रुपये से अधिक का हो गया है भुगतान।

इनका कहना है
जिले में प्रसाधनों का निर्माण तेज गति से जारी है। सभी ग्राम पंचायत के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि हितग्राही को समझाइश देकर शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कराएं व स्वच्छता गतिविधि चलाएं।
आनंद पांडेय, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन।

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