
Fake ghee and snacks were sold in market katni
कटनी. शीघ्र करोड़पति बनने के लालच में कुछ व्यापारी लोगों की जान से खिलवाड़ करने में आमादा हैं। रुपयों के लालच में जिले में नकली प्रोडक्ट बेचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ऐसा ही एक मामला खाद्य सुरक्षा प्रशासन भोपाल लेबोट्री की जांच रिपोर्ट में सामने आया है। व्यापारी जिले में नकली देशी माइल्ड फैट खपा रहे थे। जांच रिपोर्ट में अमिथ्याछाप सिद्ध होने पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जुर्माने की कार्रवाई शुरू की है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा प्रशासन टीम अप्रैल माह में सूचना पर ढीमरखेड़ा ब्लॉक के गांव सिलौंड़ी में दबिश दी थी। यहां पर नितिन साहू की किराना दुकान में देशी माइल्ड फैट का सेंम्पल लिया था, जिसे जांच के लिए लेबोट्री भेजा था। जांच रिपोर्ट में यह नकली पाया गया है। बाताया जा रहा है कि इसे शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कारोबार हो रहा है। इसी तरह से एक नमकीन भी नकली पाई गई है। माधवनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बिचुआ में सोहनलाल गुप्ता की दुकान में दबिश देकर विनय ब्रांड की नमकीन जब्त की थी, जो जांच में नकली पाई गई है।
ऐसे तैयार करते हैं देशी माइल्ड फैट
कारोबारी वेजेटेबल ऑयल जो खाने लायक होते हैं ऐसे ऑयल को मिक्स करके हाइड्रोजिलेशन करके संतृप्त करते हैं। जिससे वह फैट बन जाता है। रुपयों की लालच में इसे (डालडा जैसा) बना लेते हैं। इसके बाद इसमें हल्का सा घा या घी का फ्लेवर मिलाकर उसमें घी जैसे खुशबू पैदा कर माइल्ड फैट बनाकर बाजार में बेचते हैं। मिलावट के बाद यह घी के दाम में बिकता है। खास बात यह है कि माइल्ड फैट बाजार में 60 से रुपए प्रति किलोग्राम है, लेकिन ये कारोबारी इसे घी का रूप देकर या फिर इसे पूजा वाला घी के नाम से 200 से 250 रुपए किलोग्राम के भाव से बेचते हैं। सीधे-सीधे ६० रुपए के ऑयल से 150 से 200 रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं।
स्वास्थ्य के लिए घातक हैं माइल्ड फैट
फूड ऑफिसर संजय गुप्ता ने बताया कि माइल्ड फैट सेहत के लिए नुकसानदायक है। माइल्ड फैट एक संतृप्त वसा के रूप में है। यह मिलावटी होने के कारण पूरी तरह से वसा टूटता नहीं है और यह पेट के अंदर पाचक नहीं होता। वसा पाचन नहीं होने से बॉडी में जमा हो जाता है। उससे एसिडिटी, मोटापा, ब्लड में शामिल होने से ब्लॉकेज की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सभी को असंतृप्त वसा लेना चाहिए।
- दो स्थानों पर जांच कार्रवाई की गई थी। जिनमें नमकीन अमिथ्याछाप पाई गई है। माइल्ड फैट भी अमिथ्या छाप है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। इस पर जुर्माने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
डीके दुबे, फूड ऑफिसर।
Published on:
26 May 2018 11:27 am
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