जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर गठित की टीम, ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम टीम गठित कर करेंगे स्थाई अनुज्ञप्तिधारियों की जांच
कटनी। पटाखा कारोबारियों द्वारा भंडारण व दुकानों के संचालन में शासन के नियमों को ताक पर रख दिया गया है। नियमों के साथ हो रहा खिलवाड़ आमजन की जान पर भारी पड़ सकता है। पत्रिका द्वारा मनमानी व नियमों की अनदेखी का खुलासा किए जाने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा मामले को संज्ञान में लेकर सोमवार को माधवनगर व जिले में अन्य स्थानों पर आतिशबाजी पटाखा के स्थाई अनुज्ञप्तिधारियों व दुकानों की जांच के लिए आदेश कर दिए हैं। माधवनगर में पटाखा दुकानों व भंडारण स्थलों की जांच के लिए पांच अधिकारियों की टीम गठित की गई है। टीम में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए कलेक्टर ने जांच करने कहा है। इसके अलावा जिले के अन्य अनुभाग विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा व बहोरीबंद में एसडीएम को जांच दल गठित कर जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
इन अफसरों को किया टीम में शामिल
कलेक्टर द्वारा गठित दल में पांच अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें एसडीएम प्रिया चंद्रावत, नगरनिगम आयुक्त सतेन्द्र धाकरे, नगर पुलिस अधीक्षक विजयप्रताप सिंह, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपसंचालक नमिता तिवारी शामिल हैं।
एक सप्ताह में देना होगा जांच प्रतिवेदन
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रण भोपाल व जारी ङ्क्षबदुओं के अनुसार पाई गई कमियों की संयुक्त रिपोर्ट स्पष्ट अभिमत व प्रतिवेदन के साथ प्रस्तुत करने कहा गया है। जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की समयसीमा तय करते हुए 7 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
इन नियमों मानकों पर जांच करेंगे अधिकारी
- अनुज्ञप्तिधारी ने फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक कार्रवाई की।
- दो आतिशबाजी दुकानों के बीच 15 मीटर की दूरी होनी चाहिए। 15 मीटर के दायरे में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ व कार्य न हो।
- अनुज्ञप्तिधारियों की दुकान का पक्का निर्माण है या नहीं।
- खतरों बावत सूचना प्रदर्शित है या नहीं।
- पर्याप्त मात्रा में वाटर एवं फायर फाइटर उपकरण, रेत एवं पर्याप्त मात्रा में पानी के स्टोरेज की व्यवस्था है या नहीं।
- स्टोरेज में विद्युत कनेक्शन का न होना व दुकानों में क्लेम प्रुफ वायरिंग है या नहीं।
मामले में एडीएम रोमानुस टोप्पो का कहना है कि पांच अफसरों की टीम गठित की गई है। शेष स्थानों पर सभी एसडीएम टीम जांच दल का गठन कर जांच करेंगे।