कटनी. स्वच्छता के नाम पर नगर निगम द्वारा शहर में बड़ा खेल किया जा रहा है। पत्रिका ने लगातार मामलों को उजागर किया तो आयुक्त आरपी सिंह ने जांच कमेटी बैठाई। जांच कमेटी ने कई गड़बडिय़ा पाईं। जांच के दौरान कचरा भी कम मात्रा में निकलने लगा। 65 टन के अनुबंध के आधार पर प्रतिदिन डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू प्राइवेट लिमिटे जो हर माह 34 से 40 लाख रुपये नगर निगम से ले रही है वह 80 से 100 टन तक कचरा कलेक्शन बता रही थी। तीन दिन की जांच में एक दिन 79 टन, एक दिन 67 टन तो एक दिन 75 टन के आसपास कचरा निकला। बिलों का भुगतान 80 टन के ऊपर हर दिन के हिसाब से बगैर सत्यापन हो रहा है। जब कचरे की मात्रा कम हुई तो रविवार को नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से एमएसडब्ल्यू के कर्मचारियों ने अजब-गजब खेल खेला, जिसका वार्डवासियों ने भंडाफोड़ कर दिया है। कावसजी वार्ड की एंबुलेंस गली झर्राटिकुरिया के मैदान में रविवार दोपहर लगभग 3 बजे जेसीबी लगाकर कचरा कई कचरा गाडिय़ों से मलमा डंपिंग प्लांट भेजा गया, जिसे कंपेक्टर में भरकर खाद प्लांट भेजकर वजन बढ़ा लिया गया। वार्डवासियों द्वारा जब वीडियो बनाकर नगर निगम के अधिकारियों को भेजा तो सभी अवाक हैं।
सामने आई मॉनीटरिंग एजेंसी की बेपरवाही
5 लाख 20 हजार रुपये हर माह नगर निगम से लेने वाली मॉनीटरिंग के लिए लगी स्वतंत्र एजेंसी के इंजीनियर देवदत्त पात्रा सहित सुपरवाइजरों की बेपरवाही सामने आई है। हर गाड़ी को चेक करना है और फिर प्लांट भेजना है यह नहीं देखा जा रहा। कितने घर से कितना कचरा उठाया, कब गाड़ी गई कब लौटी, 100 प्रतिशत कलेक्शन रिपोर्ट भी सिर्फ अंदाज से भरी जा रही है। जिसका फायदा एमएसडब्ल्यू उठा रही है। एक कम्पेक्टर बगैर बताए एनकेजे से भरवाया जा रहा है जो अनुबंध में नहीं है। मिशन चौक के पास नाली के मलमा को कचरा मानकर भेजा गया, जबकि नगर निगम के पास सिल्ट ढोने के लिए लोडर वाहन हैं, जिनका बिल भी वसूल किया जा रहा है।
इनका कहना है
कावसजी वार्ड में एक स्थान पर खुदाई कराकर कचरा भरे जाने का मामला सामने आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। एनकेजे में कचरा कलेक्शन प्वाइंट स्वीकृत नहीं हैं। एमएसडब्ल्यू द्वारा समय बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
अशफाक परवेज कुरैशी, उपायुक्त नगर निगम।