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कुठला हाई स्कूल का नया भवन हो रहा तैयार, बच्चों को नहीं मिलेगा खेल मैदान, अतिक्रमण हटाने में लापरवाही

पर्याप्त शासकीय भूमि होने के बावजूद नहीं हुआ आवंटन, करोड़ों खर्च के बाद भी अधूरी रह जाएगी सुविधा, शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड का मामला
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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 14, 2026

Insufficient land allocated for the school

Insufficient land allocated for the school.

कटनी. शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 3 स्थित कुठला शासकीय हाई स्कूल के लिए नए भवन का निर्माण तेजी से जारी है, लेकिन विडंबना यह है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद यहां पढऩे वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को खेल मैदान की सुविधा नहीं मिल पाएगी। पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बाद भी उसका आवंटन न होना और अतिक्रमण न हटाया जाना इस समस्या की मुख्य वजह बन गया है।
जानकारी के अनुसार स्कूल भवन निर्माण के लिए खसरा नंबर 17 की भूमि आवंटित की गई है, जहां वर्तमान में निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है। इस निर्माणकार्य का भूमिपूजन गत वर्ष जिले के प्रभारी मंत्री उदयप्रताप सिंह द्वारा किया गया था। लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन खेल मैदान के अभाव ने इस योजना को अधूरा कर दिया है।

पार्षद बोलीं-सुविधा से वंचित होंगे सैकड़ों बच्चे

पार्षद सरला मिश्रा ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया है कि खसरा नंबर 224/2 की करीब एक एकड़ शासकीय भूमि स्कूल के पास ही उपलब्ध है, जिसे शिक्षा विभाग को आवंटित किया जा सकता है। इस भूमि पर खेल मैदान और पार्क विकसित कर विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं दी जा सकती हैं। हालांकि इस जमीन पर कुछ लोगों का अतिक्रमण है, जिसके लिए पूर्व में सीमांकन भी कराया जा चुका है, लेकिन आज तक अतिक्रमण हटाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

पुराने स्कूल में भी नहीं था खेल मैदान

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने स्कूल भवन में भी खेल मैदान की सुविधा नहीं थी, जिससे बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता था। अब नए भवन से उम्मीद थी कि यह कमी दूर होगी, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह सपना अधूरा ही रह जाएगा।

प्रशासनिक उदासीनता बच्चों पर भारी

पार्षद ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता के कारण पर्याप्त भूमि होते हुए भी कम क्षेत्रफल का आवंटन किया गया, जिससे बच्चों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से स्वयं स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने और शासकीय भूमि को शिक्षा विभाग को आवंटित करने की मांग की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खेल मैदान केवल एक अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। खेलकूद से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है, जो शिक्षा का अहम हिस्सा है।

इनका कहना

इस संबंध में पार्षद द्वारा शिकायत की गई गई है। इस मामले की जांच के निर्देश एसडीएम को दिए गए हैं। मौके पर मौजूद शासकीय भूमि नियमानुसार स्कूल को आवंटित की जाएगी।

आशीष तिवारी, कलेक्टर।