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एवीएस फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा: 30 फीट ऊंचाई से गिरकर श्रमिक की मौत, फरवरी में भी मजदूर हुआ था कालकलवित

परिजनों ने प्रबंधन पर सूचना छिपाने और लापरवाही के लगाए आरोप, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, उद्योगपति पवन मित्तल की दो फैक्ट्रियों में कुछ माह के अंदर तीसरे मजदूर की मौत, जिम्मेदार विभाग सुरक्षा व्यवस्था पर नहीं दे रहे ध्यान

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 14, 2026

Electrician Dies in ABS Factory Accident

Electrician Dies in ABS Factory Accident

कटनी. माधवनगर थाना क्षेत्र के निवार स्थित एवीएस फैक्ट्री में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री में काम के दौरान इलेक्ट्रीशियन की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री में हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारी श्रमिक को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
जानकारी के अनुसार उदय शंकर मौर्य (46) निवासी हरदुआ हर दिन की तरह रविवार को भी फायरब्रिक्स ईंट बनाने वाली एबीएस फैक्ट्री में बतौर इलेक्ट्रीशियन काम कर रहे थे। काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से चोट लग गई। घटना के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल परिजनों को सूचना देने की बजाय घायल श्रमिक को पहले शहर के दो निजी अस्पतालों में लेकर गए, ताकि घटना की जानकारी बाहर न पहुंचे। हालांकि हालत गंभीर होने पर निजी अस्पतालों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई।

ऐसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार हरदुआ स्टेशन के पास रहने वाले उदय शंकर मौर्य फैक्ट्री में केबल बांधने का कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वे करीब 30 फीट की ऊंचाई पर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। बता दें कि यह फैक्ट्री पूर्व में अमरनाथ भास्कर एंड संस प्रालि (एबीएस) के नाम से चलती थी। अब इसे पवन मित्तल चला रहे हैं, लेकिन कंपनी का नाम पुराना ही है।

परिजनों ने लगाया आरोप

घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल पुलिस और परिवार को सूचना देने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर प्रमोद पटेल और अन्य श्रमिक कार एमपी 21 जेडए 7799 से उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी बीच मृतक के भतीजे अंकित मौर्य को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों द्वारा घायल श्रमिक को पहले शहर के दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि घटना सार्वजनिक न हो और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

बना रहा गहमा-गहमी का माहौल

अंकित मौर्य सहित अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन के कर्मचारियों से तीखी बहस हुई। अस्पताल में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर सही उपचार और सूचना दी जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन, श्रमिकों को उपलब्ध कराए जाने वाले सुरक्षा उपकरणों और कार्यप्रणाली की भी जांच की जा रही है।

लगातार हो रहीं मौतें

गौरतलब है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पवन मित्तल की अन्य इकाइयों में हादसे हो चुके हैं, जिनमें श्रमिकों की मौत और गंभीर चोटें सामने आई थीं। बिलहरी रोड में संचालित होने वाली शारदा रिफैक्ट्री में दो मजदूरों की मौत हो चुकी है। कुछ माह के अंतराल में यह तीसरी घटना है, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम बात हो गई है। श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते, जिससे ऐसे हादसे होते हैं। श्रम विभाग, सुरक्षा मानकों की जांच करने वाली एजेंसी, प्रशासन फैक्ट्रियों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।

1.20 लाख रुपए की मदद

श्रमिक की मौत के बाद परिजनों को थोड़ी से मदद उद्योगपति पवन मित्तल के द्वारा की गई है। पुलिस ने बताया कि एक लाख 20 हजार रुपए पीडि़त परिवार को दिए गए हैं। परिजनों ने कहा कि मृतक की पत्नी और बच्चों के गुजारा के लिए ठोस प्रबंध होना चाहिए और जांच कराकर मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि इस तरह से अन्य मजदूर की जान लापरवाही से न जाए। वहीं इस मामले में उद्योगपति पवन मित्तल घटना के संबंध में बात करने से बचते नजर आए।

यह हो चुके हैं हादसे
केस 01

20 फरवरी को गुलवारा में संचालित होने वाली पवन मित्तल की फ्लाइएश ब्रिक्स कंक्रीट फैक्ट्री में मशीन गिरने से मजदूर सतीश कुशवाहा चपेट में आ गया था, जिसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।

केस 02

माधवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा रिफैक्ट्री में 29 अगस्त को ऊंचाई से काम करते वक्त गिरने के करण मजदूर की मौत हो गई है। इसमें अमन बर्मन पिता मुन्ना बर्मन प्रोफाइल सीट में वैल्डिंग करने के दौरान काल कलवित हो चुका है। घर का चिराग बुझ गया है, फिर भी फैक्ट्रियों में सुरक्षा की अनदेखी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

वर्जन

पवन मित्तल की एबीएस फैक्ट्री में इलेक्ट्रिीशयन की हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद मर्ग प्रकरण दर्ज करते हुए मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अंजनी मिश्रा, चौकी प्रभारी निवार।