
Leopard dies in Katni forest
कटनी। ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राम भमका और परसेल के बीच गिरुहा नाला के पास एक तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विकास निगम के कर्मचारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पिछले तीन-चार दिनों से इस क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं। गिरुहा नाला में पानी उपलब्ध होने के कारण तेंदुआ संभवतः इसी इलाके में डेरा जमाए हुए था और आसपास के जंगल में सक्रिय था।
ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर तेंदुए का शव मिला, उसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। यह लाइन पास के पेड़ से टकरा रही थी, जिससे करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ में करंट आने के कारण ही तेंदुआ उसकी चपेट में आ गया होगा। घटनास्थल पर पेड़ के तने पर आग लगने के स्पष्ट निशान भी पाए गए हैं, जो इस आशंका को और मजबूत करते हैं कि बिजली लाइन के संपर्क से करंट फैला होगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। वन विकास निगम की टीम ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, ताकि किसी अन्य गतिविधि या मानव हस्तक्षेप की संभावना को भी खारिज किया जा सके। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल करंट लगने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है, लेकिन अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
डिप्टी डीएम (वन विकास निगम, कुंडम प्रोजेक्ट) अभिश्वेता रावत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में विद्युत लाइन की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में खुले तौर पर गुजर रही हाईटेंशन लाइनों और पेड़ों से उनके संपर्क को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। यदि समय रहते ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जंगल क्षेत्रों में गुजर रही बिजली लाइनों की नियमित जांच और मरम्मत कराई जाए, ताकि वन्यजीवों को इस तरह के खतरों से बचाया जा सके। फिलहाल पूरे मामले की निगरानी वन विभाग द्वारा की जा रही है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Published on:
13 Apr 2026 10:55 am
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