लाड़ली बहनों की घटती संख्या ने बढ़ाई चिंता, 3132 की उम्र हो गई 60 के पार, 438 को मान लिया गया कि कर दिया है लाभ परित्याग
बालमीक पांडेय @ कटनी. प्रदेश सहित जिले में महिलाओं के चेहरे पर खुशियां लाने के लिए शुरू की गई लाड़ली बहना योजना अब कई बहनों के लिए निराशा का कारण बन रही है। योजना से अलग-अलग कारणों के चलते लगातार नाम कटने से बहनों का सपना अधूरा रह गया है। जून 2023 में शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक संबल देना था लेकिन अब हालात कुछ और बयां कर रहे हैं।
योजना लागू होने के बाद से अब तक 6800 महिलाओं का नाम सूची से हटाया जा चुका है। ये वे महिलाएं हैं जिन्हें शासन के तय मानदंडों के अनुसार अपात्र घोषित कर दिया गया। नियमों की कसौटी पर खरे न उतरने के चलते इन बहनों का सपना अधूरा रह गया। इसके अतिरिक्त 438 महिलाओं ने स्वयं योजना की राशि को त्यागने का निर्णय लिया, लेकिन सूत्रों की मानें तो कई मामलों में तकनीकी गड़बडिय़ों से नाम स्वत: हट गए हैं। वे महिलाएं अब कार्यालयों के चक्कर काट रहीं हैं।
कुछ महिलाओं की मृत्यु हो जाने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। जिले में 490 महिलाओं की मौत हो गई है। कुछ के समग्र आईडी डिलीट हो जाने के कारण भी नाम सूची से गायब हुए। ऐसी महिलाओं की संख्या जिले में 203 है। आधार और समग्र आईडी के डीलिंक होने से भी कई बहनों को योजना से वंचित होना पड़ा। ऐसी बहनों की संख्या जिले में 131 है। दूसरी ओर, 3132 महिलाएं ऐसी हैं जो अब 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिससे वे स्वचालित रूप से योजना की पात्रता से बाहर हो गई हैं। ऐसी महिलाओं की संख्या 3132 है। अब वे लाभ के लिए परेशान हो रही हैं।
कई महिलाओं के लिए यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता का सपना भी है, योजना से बाहर होने के बाद कई बहनों की आंखों में आंसू हैं। वे खुद को फिर से असहाय महसूस कर रही हैं। कुछ ने तो इस सहायता से बच्चों की पढ़ाई और घर के छोटे-छोटे खर्च संभालने के सपने देखे थे, जो अब अधूरे रह गए। फिलहाल कटनी जिले में 2 लाख 43 हजार 309 महिलाएं ही योजना का लाभ ले पा रही हैं। पहले की तुलना में यह संख्या काफी कम हो गई है। प्रशासन का कहना है कि पात्रता जांच के बाद ही लाभार्थियों को चयनित किया जा रहा है, ताकि योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।
29.63 करोड़ का वितरण
लाड़ली बहना योजना का 25 मार्च 2023 से पहला चरण शुरू हुआ था। जून 2023 में बहनों को तत्कालिन सीए शिवराज सिंह चौहान द्वारा राशि बैंक खाते में जारी की गई थी। इस दौरान 2 लाख 53 हजार महिलाओं को लाभ मिला था। 23.12 करोड़ रुपए याने कि प्रत्येक बहन को एक-एक हजार रुपए मिले थे। वर्ततान में अब 23वें भुगतान की राशि 29.63 करोड़ रुपए है। 2 लाख 45 हजार 409 महिलाओं के खाते में 1250-1250 रुपए जारी किए गए हैं।
नगर निगम कटनी की 28 हजार 642 लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को 3 करोड़ 46 लाख 84 हजार 700 रुपए, नगर परिषद बरही के 2 हजार 332 लाड़ली बहनों के खातों में 28 लाख 52 हजार 600 और नगर परिषद कैमोर के 2 हजार 338 लाड़ली बहनों के खाते में 27 लाख 93 हजार 500 रुपए, नगर परिषद विजयराघवगढ़ के 1492 हितग्राहियों के खाते में 18 लाख 17 हजार 600 रुपए की राशि सीएम मोहन यादव द्वारा अंतरित की गई। बड़वारा की 39 हजार 963 लाड़ली बहनों के खाते में 4 करोड़ 88 लाख 85 हजार 150 रुपए, बहोरीबंद की 40 हजार 887 लाड़ली बहनों के खाते में 4 करोड़ 97 लाख 88 हजार 150 रुपए, ढीमरखेड़ा की 37 हजार 787 लाड़ली बहनों के खाते में 4 करोड़ 59 लाख 86 हजार 350 रुपए की राशि अंतरित की गई। जबकि जनपद पंचायत कटनी के 28 हजार 280 लाड़ली बहनों के खातों में 3 करोड़ 43 लाख 18 हजार रुपए, जनपद पंचायत रीठी के 26 हजार 129 लाड़ली बहनों के खाते में 3 करोड़ 19 लाख 14 हजार 250 रुपए और जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ के 35 हजार 442 लाड़ली बहनों के खाते में 4 करोड़ 33 लाख 5 हजार 300 रुपए की राशि अंतरित की गई।
नयन सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग। जिले में 2 लाख 43 हजार 309 महिलाओं को योजन का लाभ मिल रहा है। कुछ महिलाओं की मौत हो जाने, लाभ परित्याग करने, 60 साल की उम्र पूरी हो जाने सहित समग्र आइडी डिलीट हो जाने के कारण नाम अलग हो गए हैं। कुछ महिलाओं की मौत भी हो गई है व कुछ अपात्र हैं, इस कारण संख्या कम हुई है।