कटनी

मॉकड्रिल: साधुराम स्कूल में धमाका, पुराने न्यायालय की इमारत ढही, समकित अपार्टमेंट में मिसाइल से हमला!

घायलों को सुरक्षित निकालकर पहुंचाया अस्पातल, आगजनी पर मुस्तैदी से पाया काबू, सुरक्षा व्यवस्था की चाक-चौबंद तैयारी, आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू का अभ्यास

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May 08, 2025
Mock drill in Katni

कटनी. धमाके की तेज आवाज… चारों ओर धुआं और चीख-पुकार, साधुराम स्कूल में अचानक हुए विस्फोट से मची अफरा-तफरी ने पूरे शहर को दहला दिया, कुछ ही देर में पुराने कोर्ट परिसर से इमारत ढहने और समेकित अपार्टमेंट में मिसाइल गिरने की सूचना से हालात और गंभीर हो गई! आगजनी, भगदड़ और दहशत के बीच प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रियता, फायर ब्रिगेड, पुलिस, मेडिकल टीम और नागरिक सुरक्षा बल द्वारा संभाला गया मोर्चा, युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन, घायल लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल और राहत शिविर पहुंचाना, नालंदा स्कूल में बनाए गए अस्थाई शिविर में लोगों की देखरेख, हर पल की निगरानी कंट्रोल रूम से किया जाना, यह सब मॉकड्रिल का हिस्सा था, लेकिन माहौल असली आपदा से कम नहीं था…।


सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से शहर में बुधवार को बड़े मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉकड्रिल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा था और इसमें शहर के विभिन्न स्थानों पर काल्पनिक आपातकालीन स्थितियां बनाई गईं। साधुराम स्कूल में भयंकर विस्फोट, पुराने कोर्ट परिसर में इमारत ढहने की मॉकड्रिल शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित इस मॉकड्रिल का पहला चरण साधुराम स्कूल परिसर में हुआ। यह मॉकड्रिल कटनी की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के साथ-साथ नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कदम था। 7.30 से 7.45 तक लोगों ने स्वस्फूर्त ब्लैकआउट भी रखा।

शाम 4 बजे: दहला शहर, उमड़ा हुजूम!

ठीक शाम 4 बजे साधुराम में एक काल्पनिक विस्फोट हुआ, एक के बाद एक तेज धमाकों से शहर दहल उठा! हलमे के कारण स्कूल की इमारत में आग लग गई और दर्जनभर लोग फंस गए, जिसमें बच्चे भी शामिल थे। जैसे ही यह सूचना मिली, फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाते हुए घायलों को बचाया। सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर 5 लोंगों को बचाया गया।

शाम 4.45 बजे: नवजात बच्चा सहित बचाए गए लोग

इसके बाद शाम 4.45 बजे खबर आई कि पुरानी कचहरी परिसर की इमारत भी ध्वस्त कर दी गई है और मलबे में कई लोग दब गए हैं। तुरंत टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और पांच लोगों को सुरक्षित निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया। इसमें एक नवजात बच्चा था, जिसमें सेना के जवान ने गोद में उठाकर रस्सी के सहारे बिल्डिंग से नीचे लेकर आया। सभी 5 घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

शाम 5.20 बजे: अपार्टमेंट में गिरी मिसाइल!

इसके बाद शाम 5.20 बजे सिविल लाइन स्थित समकित अपार्टमेंट में एक काल्पनिक मिसाइल गिरने की घटना सामने आई। पुलिस और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, और सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। बच्चों, महिलाओं, परिजनों को मल्टी से बाहर निकालते हुए बस में बैठाकर सुरक्षित शिविर में भेजा गया। मॉकड्रिल के इस चरण में बसों और एंबुलेंस के जरिए नागरिकों को नालंदा स्कूल स्थित राहत शिविर में भेजा गया।

कलेक्टर-एसपी रहे अलर्ट

इस पूरे मॉकड्रिल में आपात स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव और पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन मुस्तैद रहे। सभी रेस्क्यू कार्यों की निगरानी की। हर स्थिति पर नजर बनाकर रखी, तत्काल अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देश देकर व्यवस्था बनवाने में जुटे रहे। कलेक्टर ने नालंदा स्कूल में बनाए गए अस्थाई राहत शिविर का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने लाए गए नागरिकों से बातचीत की और शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से आवाहन की कि मॉकड्रिल एक सामान्य प्रक्रिया है, और इसे लेकर किसी भी प्रकार का पैनिक न हो। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इस तरह के अभ्यास को एक सशक्त सुरक्षा व्यवस्था के रूप में समझें।

राहत और बचाव कार्यों में उत्कृष्ट समन्वय

मॉकड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ कार्य किया। नगर निगम, अग्निशमन विभाग, एनसीसी, एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा बल, और जिला चिकित्सक टीम ने मिलकर राहत कार्यों को तेजी से अंजाम दिया। मॉकड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों की निगरानी की गई, और संबंधित विभागों को तत्काल प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

मौके पर पहुंचा डॉग स्क्वॉयड

घटना के बाद कई सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारी, इंटेलीजेंस की टीम पहुंचे। घटना स्थल व राहत शिविरों का जायजा लिया। मरीजों से बात की। अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान डॉ. स्क्वॉयड भी पहुंचा और बारीकी से जांच की। आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन की तत्परता की परख रही है। राहत, बचाव और उपचार कार्यों का अभ्यास, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

उद्घोषणा से किया अलर्ट

मॉकड्रिल में घोषणा के माध्यम से लोगों को जागरुक किया गया। राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक, पुलिस के अधिकारी ने मोर्चा संभाला। लोगों को हमले के बाद क्या करना है यह बताया गया। कैसे अपने आप को व परिजनों को सुरक्षित करना है इसके टिप्स दिए गए।

इन अधिकारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

मॉकड्रिल में कई विभागों कि अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिया भूमिका निभाई। इस दौरान एडीएम साधना परस्ते, जिला पंचायत सीइओ शिशिर गेमावत, एसडीएम प्रदीप मिश्रा, आयुक्त नीलेश दुबे, सीएसपी ख्यात मिश्रा, आरआइ संध्या ठाकुर, ट्रैफिक टीआई राहुल पांडेय, नगर निगम इंजीनियर आदेश जैन, सुनील सिंह, अतिक्रमण प्रभारी उपयंत्री शैलेंद्र प्यासी, लोनिवि इइ शारदा सिंह, कोतवाली टीआई अजय सिंह, सीएमएचओ डॉ. आरके अठया, डॉ. आरबी सिंह, डॉ. पंकज बुधौलिया सहित बड़ी संख्या में टीम मुस्तैद रही।

खास-खास

  • साधुराम स्कूल में विस्फोट के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया।
  • पुरानी कचहरी बिल्डिंग में मलबे से लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन।
  • समकित अपार्टमेंट में मिसाइल गिरने के बाद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया।
  • कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों की लाइव मॉनीटरिंग, दिशे गए आवश्यक निर्देश।
  • इस अभियान में सेना के बटालियन, एसडीआरएफ, होमगार्ड, जिला पुलिस बल, महिला पुलिस रहीं सक्रिय।
  • मॉकड्रिल में सीएमओ डॉ. आरके अठया टीम के साथ रहे अलर्ट, 108 एंबुलसें साबित हुईं मददगार।
  • सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी कर चलाया रेस्क्यू अभियान, बड़ी संख्या में फोर्स रहा तैनात।
  • मॉकड्रिल के दौरान थम रहे इन स्थानों के पहिये, लोग मामला देखकर रह गए हक्का-बक्का।

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में ब्लैकआउट व मॉकड्रिल

शहर से लेकर गांव तक ब्लैकआउट व मॉकड्रिल का असर देखा गया। सुरक्षा अभियान चलाया गया। शाम को लोगों ने स्वस्फूर्त होकर घरों व प्रतिष्ठानों की बिजली बंद रखी। शासकीय कार्यालय में भी ब्लैकआउट रहा। जिले के उमरियापान, ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी, विलायतकला, बड़वारा, मझगवां, बसाड़ी, पिपरिया, बरही, खितौली, सिनगौड़ी, विजयराघवगढ़, कैमोर, कन्हवारा, रीठी, बडग़ांव, बिलहरी, सलैया, बाकल, बहोरीबंद, कुआं, स्लीमनाबाद, सिहुड़ी बाकल, तेवरी सहित सभी गांवों में ब्लैकआउट देखा गया।

कलेक्टर ने कही यह बात

दिलीप यादव, कलेक्टर ने कहा कि शहर के तीन स्थानों पर मॉकड्रिल कराया गया। साधुराम स्कूल में धमाका व आगजनी, कोर्ट की बिल्डिंग ध्वस्त होने की खबर पर रेस्क्यू कराया गया। सिविल लाइन में समकित अपार्टमेंट में हमले की खबर पर मॉकड्रिल किया गया। सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल व राहत शिविरों में पहुंचाने का मॉकड्रिल कराया गया। यह अभ्यास जनता की सुरक्षा व सतर्कता के लिए था।

Published on:
08 May 2025 09:00 am
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