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घालमेल पर नजर: सोमवार को मलबा खपाने नहीं चल पाया कंपनी का खेल, 10 टन कम निकला कचरा, देखें वीडियो

लाखों रुपये हर माह फूंकने के बाद भले ही शहर स्वच्छ नजर ना आ रहा हो, लेकिन नगर निगम से अनुबंधित कंपनी एमएसडब्ल्यू, स्वतंत्र एजेंसी के कर्मचारी व नगर निगम के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी जमकर चल रही है। क्योंकि पिछले एक सप्ताह से नगर निगम द्वारा एमएसडब्ल्यू की कराई जा रही जांच में जो घट रहा है वह बड़ा ही अजब-गजग सामने आ रहा है।

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Balmeek Pandey

Dec 03, 2019

कटनी. लाखों रुपये हर माह फूंकने के बाद भले ही शहर स्वच्छ नजर ना आ रहा हो, लेकिन नगर निगम से अनुबंधित कंपनी एमएसडब्ल्यू, स्वतंत्र एजेंसी के कर्मचारी व नगर निगम के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी जमकर चल रही है। क्योंकि पिछले एक सप्ताह से नगर निगम द्वारा एमएसडब्ल्यू की कराई जा रही जांच में जो घट रहा है वह बड़ा ही अजब-गजग सामने आ रहा है। रविवार को जहां कावसजी वार्ड की एंबुलेंस गली से मलबा खोदकर एमएसडब्ल्यू द्वारा खपाया जाने का मामला सुर्खियों में रहा तो वहीं रविवार को ठीहा बदलकर कचरा बढ़ाने का खेल शुरू किया गया। शहर के जागरुक नागरिक व इंद्रानगर क्षेत्र के पार्षद ने तत्परता दिखाई और एमएसडब्ल्यू के मंसूबों पर पानी फेर दिया, जिसका सार यह निकला कि रविवार की अपेक्षा सोमवार को 10 टन कचरा कम निकला। रविवार को 78 ट्रन कचरा निकला था।

 

MSW Company Katni exposes arbitrary
patrika IMAGE CREDIT: patrika

इंद्रानगर से लौंटी जेसीबी, डंफर व लोडर
सोमवार को कंपनी द्वारा निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से ठीहा बदलकर मलबा खपाने की कोशिश की जा रही थी। दोपहर में इंद्रानगर से मलबा भेजने के लिए एक जेसीबी, तीन डंफर व ट्रिपिंग वाहन भेजे गए थे। इसकी भनक जब क्षेत्रीय पार्षद राजकिशोर यादव को लगी तो उन्होंने विरोध किया और वहां से वाहन भगाया। इसके बाद जेसीबी लेकर कर्मचारी वापस लौट आया और वाहन भी एक-एक करके लौट आए। इंद्रानगर में बायपास रोड पर जेसीबी कर्मचारी प्रकाश मीडिया कर्मियों से गोलमोल जबाव देता रहा। पहले कहा कि कचरा भरने आया हूं, फिर कहने लगा कि गाड़ी बनवाने आया हंू। इसके बाद सीधे जेसीबी लेकर वापस लौट आया। वेयर हाउस के समीप एक ट्रिपिंग वाहन मिला जिसमें नीचे मलबा भरा था। यहां पर कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा लेने की बजाय सड़क किनारे फैले कचरे को उठाकर गाड़ी में भरते दिखे। इस पर कर्मचारी ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों के कहने पर भरा जा रहा है।

 

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खास-खास:
– शहर के लोग नगर निगम के कर्मचारी दीपक अग्निहोत्री की उपस्थिति में शाम 5.30 तक 68 टन सात वाहनों में कचरा निकला।
– डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करना छोटे वाहनों से, जेसीबी का प्रयोग कर रहा कई सवाल खड़े।
– साढ़े 6 बजे सभी गाडिय़ों को दुगाड़ी नाला के समीप ग्राउंड में खड़ा कराया गया, हुक लोडर को भरकर बढ़ा दिया वजन।
– 2015 से हर दिन 90 टन से अधिक प्रतिदिन उठ रहा कचरा तो फिर कावसजी वार्ड में एकत्रित होने वाले मलबा ने खड़े किए स्वच्छता पर सवाल।
– पांच लाख 20 हजार रुपये हर माह कमाने वाली स्वतंत्र एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी खड़े हो रहे सवाल।

MSW Company Katni exposes arbitrary
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24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं जांच
हैरानी की बात तो यह है कि कावसजी वार्ड के लोगों ने रविवार शाम 3 बजे वीडियो बनाकर एमएसडब्ल्यू के द्वारा की जा रही मनमानी को उजागर किया। मामला सामने आने के 24 घंटे के बाद भी नगर निगम का कोई भी अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचा। निगम के अधिकारियों का तर्क था कि वहां पर कुछ दिनों से कचरा एकत्रित हो गया था। क्षेत्रीय पार्षद के कहने पर कंपनी वाला कचरा उठा रहा था। यहां एमएसडब्ल्यू का सेकंड डंपिंग प्वाइंट होना बताया गया है, जबकि अनुबंध के विपरीत है।

 

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इनका कहना है
इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। अनुबंध के अनुसार ही कंपनी काम करे इस पर ध्यान दिया जाएगा। शहर स्वच्छ हो इस पर फोकस किया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।