एक एकड़ जमीन में 4.25 करोड़ रुपए की लागत से लगेगा प्लांट, कंपनी करेगी कचरा उठाव कर प्रोसोसिंग, नगर निगम को हर माह देगी राजस्वशहर को पन्नी से जहरमुक्त बनाने बनाई गई है योजना, नगर निगम के अधिकारियों व पार्षदों की बैठक में लिया गया निर्णय
कटनी. प्लास्टिक व पॉलीथिन हर आम और खास की जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। चाहे बात स्वास्थ्य की हो या फिर पर्यावरण सुरक्षा की। हजारों टन निकलने वाला प्लास्टिक जमीन की उर्वरा शक्ति को भी निगल रही है। शहर में जहां पर भी देखा जाए पॉलीथिन का ढेर लगा होता है, जिससे शहर भी बदरंग दिखता है। लोगों की सेहत और पर्यावरण सुरक्षा के लिए नगर निगम ने खास योजना बनाई है। अब नगर निगम खराब प्लास्टिक और पॉलिथिन से मुक्ति दिलाने के लिए इसको रिसाइकिल करते हुए फ्यूल बनाने का काम करेगी। नगर निगम एक कंपनी को ठेका देने जा रही जो पॉलिथिन आदि से डी पॉलीमराइजेशन बायोलिसिस एक्टिविटी के माध्यम से फ्यूल बनाएगा। इस फ्यूल का उपयोग डीजल, विमान का ईंधन और पेट्रोल बनाने आदि में उपयोग किया जाएगा सकेगा।
नगर निगम देगी राशि, लेगी राजस्व
नगर निगम ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उससे जो प्लांट तैयार होगा वह लगभग 4.25 करोड़ रुपए की लागत होगा। यह राशि कंपनी को नगर निगम मुहैया कराएगा। इसके अलावा लगभग एक एकड़ जमीन भी मुहैया कराई जाएगी। अमीरगंज में जमीन चिन्हित की गई है जहां पर फ्यूल प्लाट स्थापित किया जाएगा। रिसाइकलिंग प्रक्रिया का संपूर्ण खर्च कंपनी उठाएगी। हर माह नगर निगम को 35 हजार रुपए राजस्व देगी।
5 टन कचरे से होगा निर्माण
तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम हर दिन फ्यूल बनाने वाली कंपनी को 5 टन कचरा मुहैया कराएगी। शहर से प्लास्टिक व पॉलिथिन का उठाव भी ठेका कंपनी करेगी। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू से भी कंपनी का अनुबंध कराया जाएगा, ताकि कचरा फ्यूल बनाने वाली कंपनी को मिलता रहे। इससे कंपनी लाइट डीजल ऑयल तैयार करेगी।
खबर को लेकर खास-खास
- एमएसडब्ल्यू को दिए जाने वाले कचरे से होगी कटौती।
- स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइड लाइन के अनुसार तैयार हुआ प्लान।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के निष्पादन की होगी प्रक्रिया।
- बरही, विजयराघवगढ़, कैमोर व सिहोरा से भी आएगा प्लास्टिक।
- प्लांट नहीं लगेगा तो एनजीटी नगर निगम पर लगाएगी कास्ट।
वर्जन
शहर में प्लास्टिक और पॉलिथिन का उपयोग बहुत बढ़ गया है। प्रदूषण भी बड़ी मात्रा में हो रहा है। मवेशी पॉलीथिन खाकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पॉलीथिन व प्लास्टिक से फ्यूल बनाने के लिए प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। शीघ्र ही इसे लगाने के लिए पहल की जाएगी।
प्रीति सूरी, महापौर।