
toll plaza katni
कटनी. मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन(एमपीआरडीसी) द्वारा स्टेट हाइवे क्रमांक १४ पर कटनी-दमोह मार्ग का निर्माण कराया गया है। इस रोड पर नये आरटीओ कार्यालय के समीप सड़क बनाने वाली बंसल पाथवेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा टोल प्लाजा बनाया गया है। कंपनी आमजन से पिछले दो सालों से सड़क पर चलने का टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन अबतक यहां वाहन चालकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई है। पीने का पानी, टॉयलेट सहित अन्य सुविधाओं से यहां से गुजरने वाले लोग वंचित हैं। इधर, टोल प्लाजा में गाइडलाइन का पालन न होने को लेकर एमपीआरडीसी के अफसरों का कहना है कि टोल बिल्डिंग के लिए अबतक जिला प्रशासन द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके कारण वाहन चालकों को नियमानुसार सुविधा नहीं मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों से कलेक्टर कार्यालय में जमीन आवंटन से संबंधित फाइल धूल खा रही है। जमीन आवंटन की स्वीकृति न मिलने के कारण आमजन की सुविधा भी अटकी हुई है।
ये है गाइड लाइन
- टोल प्लाजा पर रेस्ट रूम बने होने चाहिए।
- आरओ प्लांट लगा होना चाहिएए जिससे वाहन चालकों को ठंडा पानी मिल सके।
- शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए और संकेतक लगे होने चाहिए।
- 50 किमी के अंतराल में एम्बुलेंस व क्रेन होनी चाहिए
- प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए
ये हो रही है वसूली
वाहन का प्रकार शुल्क
कार/जीप २५ रुपए
हल्के वाणिज्यिक वाहन ६५ रुपए
बस(खाली या भरी) १३५ रुपए
ट्रक १६५ रुपए
मल्टी एक्सल ट्रक ३२५ रुपए
टैंकर से पानी, मैदान में टॉयलेट
पत्रिका टीम ने जब टोल प्लाजा का जायजा लिया तो यह अव्यवस्था पाई गईं। प्रतिदिन लाखों रुपए आमजन से टैक्स वसूलने वाले टोल प्लाजा में आमजन के लिए पेयजल व्यवस्था के रूप में एक पानी का टैंकर खड़ा कर दिया गया है। कभी इस टैंकर से सड़क पर सिंचाई की जाती है, अब पेयजल के रूप में काम आ रहा है। टोल कर्मचारी वाहन चालक के पेयजल के बारे में पूछने पर टैंकर की ओर इशारा कर देते हैं। टॉयलेट की सुविधा नहीं है। मजबूरी में लोग खुले मैदान का उपयोग करते हैं। टोल पर खड़ी एम्बुलेंस भी कभी चलती दिखाई नहीं पड़ी। क्रेन के बारे में पूछने पर ६० किमी. दूर दूसरे प्लाजा में होने की बात कही गई।
इनका कहना
यह बात सही है कि टोल प्लाजा पर मूलभूत सुविधाएं वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। टोल बिल्डिंग के लिए जिला प्रशासन द्वारा अबतक जमीन आवंटित नहीं की गई है। दो वर्ष से प्रस्ताव लंबित है। बिल्डिंग का निर्माण होने के बाद ही आमजन को सुविधाएं मिल सकेंगी।
सुनील कालरा, प्रबंधक, एमपीआरडीसी
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जमीन आवंटन संबंधी प्रस्ताव वर्तमान में लंबित नहीं है। पुराना प्रस्ताव कई माह पहले ही निरस्त किया जा चुका है। टोल की एजेंसी का अनुबंध एमपीआरडीसी का होता है। उन्हें समस्त सुविधाओं की निगरानी करनी चाहिए।
विशेष गढ़पाले, कलेक्टर
Published on:
21 Nov 2017 10:52 pm
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