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इस बेपरवाही को क्या कहेंगे…। न जांच ना सुधार, बस भटक रही फाइल

दो साल में चार बार आपत्ति, नहीं दूर हो पाई विसंगति, शिक्षकों की अटकी क्रमोन्नति, हो रहा आर्थिक नुकसान, शिक्षा विभाग के अफसरों ने बिना जांच के भेज दी थी अनुमोदन के लिए फाइल, जिपं से आपत्ति के बाद लौट रही बार-बार फाइल

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कटनी

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Balmeek Pandey

Aug 28, 2021

teachers

Negligence in promotion of teachers

कटनी. जिन शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिलती है तो उन्हें क्रमोन्नति दी जाती है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिल जाता है। पहली 12 साल, दूसरी 24 साल और तीसरी क्रमोन्नति 30 साल की सेवा में मिलती है। लगभग दो साल से फाइल शिक्षा विभाग से जिला पंचायत, पंचायत से कलेक्ट्रेट व शिक्षा विभाग में चक्कर काट रही है। 300 शिक्षकों की क्रमोन्नति अटककर रह गई है।
ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि जिन प्रकरणों में कमी है या अपात्रा हैं तो उन्हें अलग कर सही प्रकरणों को लाभ मिले, लेकिन शिक्षा विभाग व जिला पंचायत के अफसर रुचि नहीं ले रहे। स्थापना टीम प्रभारी पवन खत्री का कहना है कि जिले में लगभग 300 शिक्षकों की क्रमोन्नति वाली फाइल है। मेरे पास अक्टूबर 2020 में प्रभार मिला है, उसमें चार बार आपत्तियां जिपं से आई हैं। अब 13 अगस्त को फाइल जिला पंचायत सीइओ को भेज दी गई है। वहीं से अनुमोदन होना है।

ये आई विसंगति
बता दें कि अक्टूबर 2020 में 271 शिक्षकों की क्रमोन्नति के लिए फाइल जिला पंचायत सीइओ जगदीशचंद्र गोमे के पास भजी गई थी, इसमें एक शिक्षकों को छोड़कर सभी अपात्र पाए गए थे। सीआर में गड़बड़ी थी। द्वितीय मतांकन नहीं था। इसमें अधिकतम तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के द्वितीय मतांकन नहीं थे। 2016-17, 2017-18 अवधि के प्रकरण अधिक थे। इसमें 15 दिवस के अंतर त्रुटि को ठीक करना था, लेकिन एक साल में भी जिपं व शिक्षा विभाग के अफसर प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाए। बता दें कि शिक्षकों को द्वितीय और तृतीय क्रमोन्नति का लाभ मिलना है। बता दें कि डीपीसी समिति बनी थी, इसमें कलेक्टर अध्यक्ष थे, लेकिन सीइओ को नोडल अधिकारी बनाया गया। सीइओ ने जांच कराई तो कई आपत्तियां निकलकर आईं। सीइओ के पास अनुमोदन के लिए फाइल पड़ी हुई है।

आंदोलन की दी चेतावनी
क्रमोन्नति सूची महीनों से लंबित होने व डीईओ और जिला पंचायत के बीच लटकी हुई है। जिसके तत्काल अनुमोदन कर जारी किए जाने को लेकर अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने कलेक्टर को मांग की है। मोर्चा संस्थापक सरमन तिवारी और जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि बेवजह आपत्तियां लगाकर सूची लटकाने और शिक्षकों को परेशान करने का खेल चल रहा है। संगठनों के अनेको बार ज्ञापन देने के बाद भी मामले को गम्भीरता से निराकरण नही किया गया है। अगर शीघ्र सूची जारी नहीं कि गई तो संयुक्त मोर्चा 5 सितंबर से कलेक्ट्रेट के सामने धरना देने के लिए बाध्य होगा।

इनका कहना है
क्रमोन्नति को लेकर जो भी समस्या है उसे शीघ्र दूर करते हुए शिक्षकों को लाभ दिलाया जाएगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर।