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Exclusive: राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की नई वाहिनी के लिए कटनी में 40 हेक्टेयर भूमि की तलाश

सुरक्षा बल की नई वाहिनी के लिए प्रस्ताव

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 15, 2025

AFCAT Notification 2025

AirForce(Image-Freepik)

कटनी. औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) की नई वाहिनी के गठन की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा कटनी जिले में लगभग 40 हेक्टेयर शासकीय भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक कटनी को भेजे गए पत्र के आधार पर अब यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राजस्व विभाग को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय भोपाल के अंतर्गत राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा पुलिस अधीक्षक को जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई वाहिनी के निर्माण के लिए शहर के समीप पर्याप्त क्षेत्रफल की भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए राजस्व विभाग के माध्यम से शासकीय, खाली और विवाद-मुक्त भूमि की जानकारी एकत्र कर पुलिस मुख्यालय को भेजें। पत्र में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में भी इसी विषय पर पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब प्रक्रिया को गति देने के लिए पुन: जिला स्तर पर कार्रवाई करने को कहा गया है।

कैंप बनने से यह होगा फायदा

-औद्योगिक निवेश को मिलेगी सुरक्षा ढाल, एसआइएसएफ की मौजूदगी से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

  • ऊर्जा परियोजनाएं, खनन गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट हब और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्र अब तेज गति से विकसित हो सकेंगे।
  • कैंप संचालित होने के बाद हजारों जवानों की आवाजाही से बाजारों में नई आर्थिक हलचल आएगी।-कैंप की स्थापना के दौरान भवन निर्माण, सप्लाइ, ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, बाजार और छोटे-मोटे कारोबार में स्थानीय लोगों को व्यापक रोजगार मिलेगा।

कटनी इसलिए है महत्वपूर्ण

सूत्रों के अनुसार राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की यह नई वाहिनी प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक प्रतिष्ठानों, खनन क्षेत्रों, ऊर्जा संयंत्रों और संवेदनशील इकाइयों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित है। कटनी जिला औद्योगिक गतिविधियों, खनिज संपदा और रेलवे जंक्शन के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां वाहिनी की स्थापना होने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जिले को एक नई पहचान भी मिलेगी।

शहर के समीप मांगी गई जमीन

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भूमि शहर के नजदीक हो, ताकि आवागमन और प्रशासनिक समन्वय में सुविधा रहे। साथ ही भूमि पर किसी प्रकार का कानूनी विवाद न हो और भविष्य में विस्तार की संभावनाएं भी बनी रहें। लगभग 40 हेक्टेयर भूमि की मांग यह संकेत देती है कि प्रस्तावित वाहिनी में बैरक, प्रशिक्षण केंद्र, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इनका कहना
नई वाहिनी के गठन से न केवल औद्योगिक सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और विशेष परिस्थितियों में भी पुलिस को अतिरिक्त बल उपलब्ध हो सकेगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला प्रशासन के माध्यम से जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही जानकारी भोपाल प्रेषित की जाएगी।
अभिनय विश्वकर्मा, एसपी

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