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अब आयुध निर्माणी कटनी होगी यंत्र इंडिया लिमिटेड की इकाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा के दिन सात नई रक्षा कंपनियों को राष्ट्र को किया समर्पित, कहा- नई रक्षा कंपनियां देश के सैन्य सामथ्र्य, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाने और रक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम है.

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Now Ordnance Factory Katni will be a unit of Yantra India Limited

लाइव टेलीकास्ट कटनी स्थित आयुध निर्माणी में किया गया.

कटनी. आयुध निर्माणी कटनी अब यंत्र इंडिया लिमिटेड की इकाई होगी। 15 अक्टूबर को दशहरे के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ भवन से सात नई रक्षा कंपनियों का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया। इसका लाइव टेलीकास्ट कटनी स्थित आयुध निर्माणी में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सात नई रक्षा कंपनियां देश के सैन्य सामथ्र्य, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाने और रक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। यहां आयुध निर्माणियों के प्रतिभाशाली कर्मचारी अपनी विशेषज्ञता से नए टेक्नोलॉजी के साथ नव अनुसंधान और विकास को अपनाकर एक ग्लोबल डिफेंस पावर बनने के सपने को साकार करेंगे।

रक्षा उत्पादों का हुआ पूजन-
कटनी स्थित आयुध निर्माणी में प्रधानमंत्री के संबोधन तथा लांचिंग कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के लिए डिजिटल स्क्रीन प्रोजेक्टर की व्यवस्था की गई। नए डीपीएसयू यंत्र इंडिया लिमिटेड के सीएमडी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के निर्देशन में पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इससे पहले निर्माणी महाप्रबंधक व ओआईसी सीएल रावत के मुख्य आतिथ्य में दशहरे की परंपरा अनुसार रक्षा उत्पादों की पूजन विधि संपन्न हुई।

देशभर में अस्तित्व में आए सात अलग-अलग डीपीएसयू
- म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड.
- एडवांस वेपन एन्ड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड.
- यन्त्र इंडिया लिमिटेड.
- आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड.
- इंडिया आप्टेल लिमिटेड.
- ट्रूप कंफट्र्स इंडिया लिमिटेड.
- ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड.

खास बातें
- कटनी आयुध निर्माणी अब यंत्र इंडिया लिमिटेड की इकाई होगी। इसका मुख्यालय अंबाझरी नागपुर होगा।
- एक अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड के अधीन 41 आयुध निर्माणियों का प्रचालन, नियंत्रण और प्रबन्धन सरकारी स्वामित्व वाले सात नए डीपीएसयू को स्थानांतरित किया गया।
- आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत आयुध निर्माणियों में दक्षता, कार्यात्मक स्वायत्तता, नए विकास को बढ़ावा देने के साथ ही निर्यात के अवसरों का लाभ उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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