30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डीजल, ऑयल और घेरलू गैस बेचेंगी अब महिलाएं

जिले में स्व सहायता समूह की महिलाएं डीजल, ऑयल और रसोई गैस की मिनी एजेंसियों का संचालन करेंगी। पहले चरण में दस गांव को शामिल किया है।

2 min read
Google source verification
डीजल, ऑयल और घेरलू गैस बेचेंगी अब महिलाएं

डीजल, ऑयल और घेरलू गैस बेचेंगी अब महिलाएं

कटनी. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को नई जिम्मेदारी सौंपी जा रही हैं। इसी कड़ी में अब कटनी जिले में स्व सहायता समूह की महिलाएं डीजल, ऑयल और रसोई गैस की मिनी एजेंसियों का संचालन करेंगी। पहले चरण में दस गांव को शामिल किया है।

इस तरह से होगा संचालन
पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री पर कंपनी द्वारा महिलाओं को कमीशन दिया जाएगा। आउटलेट तक डीजल, गैस सहित अन्य सामग्री पहुंचाने का काम एजेंसी के जरिए होगा। भुगतान समूहों को नहीं करना होगा। एक सिलेंडर बेचने पर दस रूपए, ऑयल पर 30 फीसदी और डीजल बेचने पर 50 पैसे प्रति लीटर कमीशन दिया जाएगा। जैसे-जैसे समूह कारोबार को बढ़ाते जाएंगे वैसे-वैसे कोटा भी बढ़ता जाएगा। फिलहाल अधिकतम कोटा एक हजार लीटर डीजल तक रहेगा। रसोई गैस का कोटा पांच सौ सिलेंडर के करीब रखा गया है। पेट्रोलियम कंपनियां सब एजेंसियों को पांच, दस और बीस लीटर डीजल से भरे अलग-अलग केन उपलब्ध कराएंगी। केन में कंपनी की सील लगी होगी, जिससे किसी तरह की मिलावट और तौल में गड़बड़ी को लेकर संदेह भी नहीं रहेगा। केन खाली होने के बाद कंपनी का तय डीलर उसे वापस ले जाएगा और बदले में डीजल से भरे नए केन को फिर से सब एजेंसी तक पहुंचाने का काम करेगा।

उत्साहित हैं महिलाएं
स्व सहायता समूह की महिलाएं भी पेट्रोलियम पदार्थ की मिनी एजेंसी संचालन को लेकर उत्साहित हैं। देवसरी इंदौर निवासी आनंदी समूह की अध्यक्ष वर्षा ताम्रकार ने रसोई गैस आदि की मिनी एजेंसी संचालन का कार्य दिलाए जाने पर कहा कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। सरस्वती समूह चरी की अध्यक्ष सकुन पटेल का कहना है कि इससे उन्हें जहां काम करने का मौका मिलेगा, तो वहीं महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगीं। अमुवारी के हरिओम समूह की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की मिनी एजेंसी का संचालन करने से महिलाएं आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत होंगी। आजादी के 75वें अमृत महोत्सव अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


इन दस गांव की स्व सहायता समूहों को किया जा रहा शामिल

-हरदुआ कला

-घुनौर

-सिनगौड़ी

-देवसरी इंदौर

-जिवारा

- चरी

-कारीतलाई

-जमुवानी खुर्द

-अमुवारी

-बरहटा

यह भी पढ़ें : एमपी में अनूठी पहल : पेड़ों को बचाने तैयार हो रही गोबर की लकडिय़ां

स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं जो काम कर रहीं हैं, उनका निर्वहन वे पूरी ईमानदारी व लगन से कर रहीं हैं। जिले में नवाचार करते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की एजेंसी सौंपने के लिए प्रक्रिया अपनाई गई है।
-प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर

Story Loader