26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वाहन चालक मंडी से अनाज लेकर भागे, अधिकारियों ने कई किलोमीटर पीछा कर पकड़ा, अध्यक्ष के हस्तक्षेप से मचा बवाल

मंडी अध्यक्ष बोले किसानों के वाहन पर अधिकारी कर रहे थे गलत कार्रवाई, सचिव ने कहा मंडी से व्यापारियों का जा रहा था अनाज, उस पर हुई है कार्रवाई, टैक्स चोरी के लिए चलता है यह खेल, कृषि उपज मंडी पहरुआ का मामला

2 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Dec 16, 2018

Officers actions in Agricultural Produce Market katni

Officers actions in Agricultural Produce Market katni

कटनी. कृषि उपज मंडी में टैक्स चोरी के लिए बगैर तौल व बिना गेट पर्ची के अनाज सप्लाई का खेल कई दिनों से चल रहा है। इसका खुलासा शनिवार को उस दौरान हुआ जब व्यापारियों के दो वाहन अनाज लेकर बगैर अनुमति के मंडी प्रांगण से चंपत हो गए। इसकी भनक अधिकारियों को लगी और पीछा करके वाहनों को पकड़ा। अग्रिम कार्रवाई शुरू की। वहीं इस पूरे मामले में मंडी अध्यक्ष संतोष राय द्वारा हस्ताक्षेप किए जाने का मामला भी सामने आया है। मंडी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि उपज मंडी से शनिवार को दो वाहनों में अनाज बगैर टैक्स चुकाए ले जाया गया। इसकी जानकारी मंडी के अधिकारी संजय कुमार मिश्रा, प्रेम कुमार मांझी सहित राकेश कुमार पनिका को लगी। अधिकारियों को बताया गया कि वाहन बिना दस्तावेज के निकल गए हैं। अधिकारियों ने तत्परता दिखाई और वाहनों का पीछा कर लमतरा फाटक पास से पकड़कर मंडी में रात 8 बजे खड़ा कराया। जिसकी भनक मंडी अध्यक्ष संतोष राय को लगी। बताया जा रहा कि अध्यक्ष के हस्ताक्षेप के बाद वाहन छोड़ दिए गए हैं। हालांकि अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। यह अनाज किस किसान व किस व्यापारी का है यह खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं कार्रवाई करने वाले दोनों अधिकारी मंडी में बवाल मचने के बाद मोबाइल बंद कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि मंडी टैक्स से बचने के लिए व्यापारी बगैर कार्रवाई के अनाज अधिकारियों व तथाकथित लोगों से मिलीभगत कर निकाल लेते हैं, जिसमें प्रतिदिन हजारों रुपए की बचत होती है। मंडी अध्यक्ष कह रहे थे कि विजयराघवगढ़ के किसान धान दराई के लिए कटनी धान लेकर पहुंचे थे, अब सवाल यह उठता है कि फिर मंडी किसान अनाज लेकर क्यों पहुंचे?

यह है अपराध
सचिव ने बताया कि मंडी में जिस व्यापारी ने माल खरीदा है उसका अनुबंध पत्र जारी होता है। भुगतान पत्रक जारी करता है किसान को। उसके बाद ऑनलाइन अनुज्ञा पत्र मंडी से लेता है। उसे गेट पास कहते है। निकासी पत्र कहलाता है। जिसमें इस बात जिक्र होता है कि मंडी टैक्स का भुगतान व किसान का भुगतान हो चुका है। प्रारूप 10 में निवेदन करता है। उसके बाद ऑनलाइन यह अनुज्ञा जारी होती है कि वह अपना अनाज मंडी प्रांगण से निकालने की अनुमति मिलती है। यदि यह सब नहीं कराता है तो फिर चोरी से निकालना माना जाता है। इसमें मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19,4 के तहत अवैध व्यवसाय करने पर पांच गुना पैनाल्टी लगती है। लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है। मंडी गेट में तैनात कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

इनका कहना है
मैं जबलपुर मीटिंग में आया हुआ हूं। मंडी से बगैर टैक्स चुकाए व गेट पर्ची कटवाए व्यापारी द्वारा दो वाहन ले जाए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। वाहनों को वापस बुलाकर कार्रवाई की जाने की जानकारी मिली है। वास्तविक स्थिति का पता मेरे लौटने पर सोमवार को पता लग पाएगा।
पीयूष शर्मा, मंडी सचिव।
---
विजयराघवगढ़ क्षेत्र के किसान धान दराई के लिए लेकर पहुंचे थे, लेकिन मंडी के अधिकारियों ने लमतरा फाटक में जाकर गलत कार्रवाई की है। इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया है। किसानों के अनाज में गलत कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
संतोष राय, मंडी अध्यक्ष।