शक्तिपीठ जालपा मढिय़ा के प्रमुख मार्ग पर देररात लगा जाम, घंटाघर से जगन्नाथ तिराहा तक किया गया पैचवर्क हो गया बेकाम
कटनी। शहर के प्रमुख शक्तिपीठ जालपा मढिय़ा पहुंच मार्ग बदहाल होने से नाराज लोगों ने रविवार-सोमवार की आधी रात को मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। नगरनिगम द्वारा घंटाघर से जगन्नाथ तिराहा तक कराए गए घटिया पैचवर्क को ठीक करने व मार्ग दुरुस्त करने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नगरनिगम अध्यक्ष मनीष पाठक व कोतवाली टीआइ अजय सिंह ने लोगों को समझाइश दी और निगम अध्यक्ष के आश्वासन के बाद चक्काजाम बंद किया गया। रात में ही नगरनिगम द्वारा सीमेंट, डस्ट मिलाकर पुन: पैचवर्क कर सड़क को दुरुस्त किया गया लेकिन सोमवार दोपहर हुई बारिश के कारण पानी निकासी के इंतजाम न होने से सड़क डूब गई और नगरनिगम द्वारा गड्ढों को भरने के लिए किए गए इंतजाम बह गए। बारिश के चलते सड़क पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। कई घंटे तक दोपहिया वाहन चालकों को यहां से आवागमन मुश्किल हो गया। कार सवार बमुश्किल यहां से निकल सके।
नाला जाम, ओवरफ्लो हुई नालियां
घंटाघर से जगन्नाथ तिराहा मार्ग पर सड़क पर पानी जमा होने की वजह यहां नाला जाम होना बताया गया। नाला जाम होने से बारिश का पानी नहीं निकल सका और सड़क किनारे बनी नालियां ओवरफ्लो हो गईं। गड्ढों के बीच दोपहिया वाहन सवार एक दंपत्ति हादसे का शिकार भी हुए। नालियां कई स्थानों पर डैमेज होने के कारण भी पानी सही तरीके से निकल नहीं सका।
शहर में सड़क को लेकर गरमाई राजनीति
घंटाघर से जगन्नाथ तिराहा सड़क राजनीतिक दलों के लिए मुख्य विषय बनता जा रहा है। प्रदर्शन व चक्काजाम में एक पार्टी के नेता भी शामिल रहे। नगर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए।
एनकेजे मार्ग पर घुटनों तक भरा पानी
दूसरी ओर उपनगरीय क्षेत्र एनकेजे मुख्य मार्ग में बारिश के चलते घुटनों तक पानी जमा हो गया। बाबाघाट के समीप सड़क किनारे ग्रेड सेपरेटर निर्माण के दौरान खुदाई से निकली मिट्टी यहां जमा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई और पानी जमा हो गया, जिसके कारण आमजन को घंटों परेशानी से जूझना पड़ा। इसी तरह की स्थिति जीआरपी चौकी की ओर से एनकेजे जाने वाले मार्ग पर बनी। लंबे समय से यहां चली आ रही समस्या को लेकर रेलवे संघ व जनप्रतिनिधियों द्वारा चक्काजाम कर प्रदर्शन किए जाने के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। जिन गड्ढों का पैचवर्क किया गया था वे फिर जानलेवा हो गए हैं।
मलबा डालकर पूर्व में किए गए पैचवर्क को दुरुस्त करते हुए सीमेंट व डस्ट मिलाकर रोलर से सड़क को दुरुस्त करवाया गया है। मार्ग पर एक ओर से नाला जाम होने की वजह से जलभराव की समस्या बनी। नगरनिगम अधिकारियों को पूर्व में भी निर्देशित किया गया था और पुन: नालों और नालियों की सफाई के लिए कहा गया है। शासन के नियमानुसार 15 अक्टूबर के बाद से ही डामरीकरण किया जा सकता है। समस्या का स्थाई समाधान जल्द कराया जाएगा।
प्रीति सूरी, महापौर