
डॉ. एसपी सोनी कोविड वार्ड प्रभारी जिला अस्पताल कटनी.
कटनी. जीवन की रक्षा करने में एक डॉक्टर ही है, जो हमारे जीवन के असली हीरो हैं। कोरोना संक्रमण काल में लोग जब कोरोना कफ्र्यू का कड़ाई से पालन कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे, तब अस्पतालों में डॉक्टर ही थे जो मरीज को मानसिक तौर पर मजबूत करते हुए उन्हे जल्द से जल्द स्वस्थ करने की हर संभव कोशिश में लगे रहे। अपनी जान को जोखिम में डालकर दिन-रात मेहनत करते हुये लोगों की जिंदगियां बचाने के कार्य में जुटे रहे। ऐसे ही वास्तविक हीरो हैं जिला अस्पताल में कोविड-19 वार्ड के प्रभारी डॉ. एसपी सोनी और विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल के डॉक्टर विनोद कुमार।
लोग कोरोना का नाम सुनकर करीबियों को छूने से हिचकिचाते थे, तब कोरोना संक्रमण के शुरूआती समय मार्च 2020 में कोविड-19 वार्ड का प्रभार संभाला। घर में पत्नी आरती सोनी, बेटी स्नेहा और बेटे शास्वत के मन में संकमण का डर रहा तो समझाइश भी दी। अस्पताल में इलाज के बाद घर के सदस्य सुरक्षित रहें, इसके लिए लगातार 15 महीने से अस्पताल जाने वाले कपड़े घर के बाहर उतार रहे। स्वयं ही साफ भी करते हैं। इस पूरे कोरोना काल में 12-12 घंटे ड्यूटी की और घर पहुंंचे तो लोगों को फोन पर भी सलाह दी।
एक हजार से ज्यादा लोग सलाह से ठीक भी हुए। फोन इसलिए भी ज्यादा आते रहे क्योंकि पोर्टल में इन्ही का नंबर दर्ज था। इसलिए मध्यप्रदेश ही नहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और दूसरे प्रदेश से भी लोग सलाह लेने फोन लगाते रहे। मरीज बताते हैं कि डॉ. एसपी सोनी उन चिकित्सकों में हैं, जो कभी भी मरीज देखने में पीछे नहीं हटे। एक बार तो रात में तीन बार इमरजेंसी ड्यूटी में जाना पड़ा। सुबह 4 बजे तीसरा कॉल आया और अस्पताल पहुंचे। रात में 90 से ज्यादा बार कोविड मरीजों को इमरजेंसी में देखने पहुंचे।
ग्रामीण अंचल में सेवा का अवसर मिला तो सुलभ इलाज के लिए अपना ली उन्ही की बोली-भाषा, विश्वास ऐसा कि बड़े शहरों से इलाज को पहुंचे लोग- कोरोना संक्रमण काल में सबसे बड़ी चुनौती थी ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर रखना। ऐसे में उन चिकित्सकों की भूमिका कहीं ज्यादा बढ़ जाती है, तो ग्रामीण अचंल में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे ही एक चिकित्सक हैं विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल में सेवाएं दे रहे खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. विनोद कुमार।
डॉ. विनोद उन चुनिंदा चिकित्सकों में हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई है। कोरोना के दूसरे लहर में हालात ऐसे रहे कि जो लोग उन्हे जानते हैं, वे संक्रमित होने के बाद किसी बड़े शहर का रूख करने बजाए विजयराघवगढ़ विकासखंड मुख्यालय का रुख किए। कटनी जिला मुख्यालय से भी कई सभ्रांत नागरिक इलाज को उनके पास पहुंचे, क्योंकि उन्हे विश्वास था कि वे यहां से ठीक होकर ही लौटेंगे।
डॉ. विनोद ने कोरोना संकट काल के अलावा बाकी समय भी अपनी सेवा में कोई कमीं नहीं की। लोग जल्द ठीक हों, इसके लिए उन्ही की बोली भाषा में मरीजों को सलाह देते हैं। डॉक्टर्स डे से एक दिन पहले बुधवार को भी अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जानने वे उन्ही की बोली-भाषा में जानकारी ली, सलाह दी।
Published on:
01 Jul 2021 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
