26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समय पर ठेकेदार ने नहीं शुरू किया काम, विभाग ने किया टर्मिनेट, दूसरे टेंडर में कम आई राशि तो फिर बर्खास्त कंपनी बनाएगी अस्पताल

जिला अस्पताल परिसर में 1623 लाख की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनने वाले 150 बिस्तर के अस्पताल का मामला

2 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Oct 13, 2018

5 new building of Modular OT District Hospital will be inaugurated cm

5 new building of Modular OT District Hospital will be inaugurated cm

कटनी. जिले में विकास कार्यों के साथ किस तरह से खिलवाड़ किया जाता है यह किसी से छिपा नहीं है। कटनी नदी पर बनने वाला पुल, मिशन चौक पर फ्लाइओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज, दुगाड़ी नाला, मॉडल रोड, ऑडिटोरियम, ट्रांसपोर्ट नगर, बस स्टैंड, गल्र्स कॉलेज सहित अन्य बड़े अधूरे प्रोजेक्ट माननीयों की इच्छाशक्ति और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता की गाथा गा रहे हैं। जिला अस्पताल में जिस तरह से 4-5 साल में ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हुआ कुछ उसी तरह का हाल सर्वसुविधायुक्त बनने वाले 150 बिस्तर वाले अस्पताल का हो गया है। जिस कंपनी को पीआइयू ने ठेका दिया था उसने समय से काम शुरू नहीं किया, जिस पर उसे बर्खास्त कर दिया गया। दूसरा टेंडर निकाला गया, लेकिन राशि कम आने के कारण फिर से बखास्त की गई कंपनी को अस्पताल बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आलम यह है कि 9 माह बाद तक अस्पताल के एक पिलर के लिए गड्ढा तक नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में 150 वार्डों का उन्नयन किया गया है। परिसर में 1623 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद जे प्लस थ्री मेटरनिटी वार्ड और बच्चा वार्ड बनाया जाना है। अस्पताल का निर्माण पीआइयू द्वारा कराया जाना है। 12 जनवरी 2018 को प्रशासकीय स्वीकृति मिली। मेसर्स रबानी कंस्ट्रक्शन उड़ीसा को 6 फरवरी 2018 को कार्यादेश जारी किया गया। लेकिन कंपनी ने काम नहीं शुरू किया।

लापरवाही पर हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक राबानी कंस्ट्रक्शन ने कार्यादेश जारी होने के बाद समय से कार्य शुरू नहीं किया। कई बार विभाग ने पत्राचार किया, लेकिन ठेकेदार द्वारा आनाकानी की जा रही थी। ठेकेदार कभी जगह कम होने का बहाना तो कभी वर्क एरिया को लेकर समस्या बताई गई। इस पर विभाग ने 24 जुलाई को कंपनी को टर्मिनेट कर दिया। अस्पताल निर्माण के लिए पुन: निविदा आमंत्रित की गई। निविदा में 2.11 करोड़ की राशि कम आई तो शासन स्तर पर निविदा निरस्त हो गई।

फिर राबानी ग्रुप बनाएगा अस्पताल
जब टेंडर निरस्त होने की जानकारी राबानी ग्रुप को लगी तो ठेकेदार ने फिर से अस्पताल बनाने के लिए आवेदन विभाग को किया। यह आवेदन ठेकेदार ने सीधे परियोजना संचालक कार्यालय भोपाल के पास किया और अनुमति प्राप्त की। कंपनी को फिर से जिम्मेदारी सौंपने पर विचार करते हुये 4 अक्टूबर को फिर से मौका दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी 2020 तक कंम्पलीट करके देना है, लेकिन अभी तक नीव नहीं रखी गई।

इनका कहना है
ठेकेदार द्वारा समय पर काम न शुरू करने के कारण उसे टर्मिनेट कर दिया गया था। दूसरी निविदा में डिपॉजिट राशि कम आने के कारण निविदा निरस्त हो गई है। फिर ये राबानी ग्रुप के आवेदन पर अस्पताल निर्माण के लिए मौका दिया गया है।
एसके यादव, कार्यपालन यंत्री, पीआइयू।