कटनी. बहोरीबंद तहसील के बाकल थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्राम इमलिया में बंदरों के हमले से छत से गिरकर 65 वर्षीय महिला सोनाबाई की मौत हो गई। बुजुर्ग महिला पड़ोसी सुरेश राय के घर आए अपने रिश्तेदार को बुलाने गईं थीं। पड़ोसी के घर जाने पर पता चला कि रिश्तेदार छत पर हैं और छत पर जाते ही महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। बंदरों से बचने की कोशिश में महिला छत से उतरने के दौरान सीढिय़ों पर गिर गईं। इससे सिर और शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर चोट आने से मौत हो गई।
बंदरों के हमले से महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने पटोरी-दमोह मार्ग पर चकाजाम कर दिया। वाहनों की आवाजाही रोककर मांग की कि बंदरों की समस्या से निजात दिलाई जाए। ग्रामीणों ने बंदरों के कारण ग्रामीणों के हताहत होने की यह तीसरी घटना है। समस्या से वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बंदरों के हमले से महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीण पटोरी-दमोह मार्ग पर शनिवार दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चकाजाम किया। सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। चकाजाम के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को शांत करवाने बाकल रेंजर रोहित जैन और बाकल व बहोरीबंद पुलिस के एसआइ मनमोहन उपाध्याय, एएसआइ एसके बडग़ैया व रामेश्वर पटेल मौके पर पहुंचे।
रेंजर ने आश्वासन दिया कि समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। एस्पर्ट बुलाकर बंदरों की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। रेेंजर के आश्वासन पर प्रदर्शन कर रहे डोलन राय, रोहित सिंह, गजराज सिंह, राजेंद्र राय, जेहर सिंह, संतोष राय व अन्य ग्रामीणों ने 15 दिन का समय दिया और चकाजाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि बंदरों के समस्या से निजात नहीं दिलाई तो आगे उग्र आंदोलन करेंगे।