कटनी. मिशन चौक पर संचालित वार्डस्ले इंग्लिश मीडियम स्कल प्रबंधन द्वारा मनमानी करने का आरोप अभिभावकों ने मंगलवार को लगाया है। मंलवार को बच्चे 2 से पांच ममिनट देरी से पहुंचे तो उन्हें स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ा मिला। बच्चे 1 से 2 घंटे तक गेट पर ही खड़े रहे। उसके बाद फिर निराश होकर वापस लौट गए। अभिभावक श्रवण कोपरिहा, एके खरे सहित अन्य ने बताया कि सोमवार को भी यही स्थिति बनी थी। बता दें कि स्कूल शहर के मुख्य मार्ग कटनी-जबलपुर मार्ग पर बना हुआ है। दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। 2 घंटे तक सड़क पर खड़े रहने से हादसा होने का डर बना रहता है। पूर्व में कई घटनाएं सामने हो चुकी हैं, इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन की तानाशाही रवैया अपनाए रहा। अभिभावकों से न तो बात की गई और ना ही समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया। स्कूल में ताला लगे होने की जानकारी जब बच्चों ने अपने घर में दी कि उन्हें स्कूल के अंदर जाने नहीं मिल रहा है तो अभिभावक स्कूल पहुंचे और 1 घंटे तक स्कूल प्रबंधन से गेट खोलने की प्रार्थना करते रहे, लेकिन प्रिंसिपल अतुल अब्राहम ने ध्यान नहीं दिया। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि आप लोगों को जहां नेतागिरी करना हो कर लीजिए मेरा जो नियम है वही लागू रहेगा। बच्चों को पढ़ाना है तो स्कूल समय पर भेजिए नहीं तो यही हश्र होगा।
स्कूल कर्मचारियों का बेतुका बयान
अभिभावकों से स्कूल के कर्मचारी अकेला और एक महिला शिक्षक ने अभिभावकों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोग यहां से चले जाइए। मीडिया वालों को भी ले जाइए। नेतागिरी करने से कुछ नहीं होने वाला। अकेला ने कहा कि मीडिया कर्मियों को गेट में ताला लगाने से दिक्कत हो रही है तो बच्चों को अपने घर ले जाओ हमें कोई मतलब नहीं है। आपके शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या है, हमको इससे कोई लेना-देना नहीं है। आपके घर में भी कोई दिक्कत है तो कोई लेना देना नहीं। बच्चों को पढ़ाना है तो समय पर स्कूल भेजिए।

खास-खास:
– स्कूल पहुंचे बच्चे गेट न खुलने से काफी समय तक डरे-सहमे रहे, अभिभावकों की डाट से बचने स्कूल कर्मचारियों ने मिन्नतें करते रहे, लेकिन नहीं सुनी गई।
– स्कूल प्रबंधन बच्चों व अभिभावकों की काउंसलिंग करने की बजाय सिर्फ गेट में ताला लगाना ही मुनासिब समझा।
– प्राचार्य ने कहा कि हर दिन 400 बच्चे लेट आते हैं, अभिभावकों को फोन करते हैं तो वे नहीं उठाते, अन्य स्कूलों में क्यों नेतागिरी नहीं होती।
– स्कूल में 2200 से ज्यादा दर्ज हैं बच्चे, मुख्य मार्ग में निकासी के कारण हादसे का बना रहता है डर।
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इनका कहना है
स्कूल की समय 8 बजकर 25 मिनट है। यदि एक मिनट भी विद्यार्थी नेट आएगा तो मैं उन्हें अंदर नहीं लूंगा। अभिभावक और बच्चे नियम को नहीं मान रहे। अब बच्चे घर से लेट आने के बाद बाहर घूमें या कहीं जाएं हमें मतलब नहीं है।
अतुल अब्राहम, प्राचार्य वार्डस्ले स्कूल।
स्कूल प्रबंधन गेट पर ताला क्यों लगाया है इसका पता लगाया जाएगा। बच्चों को इस तरह से स्कूल संचालक परेशान नहीं कर सकते। बच्चों की काउंसलिंग कर अभिभावकों से बात कर समस्या का समाधान स्कूल को निकालना पड़ेगा।
बीबी दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी।