
कवर्धा . किसी लड़की को कर्नाटक, किसी युवती को गुजरात, तो किसी को अन्य राज्य से ढूंढकर पुलिस की विशेष टीम उनके परिजनों को सौंप रहे हैं, जिससे उनके घरों में फिर से खुशियां लौट रही है।
आए दिन थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होती है। इसमें मुख्य रूप से नाबालिग लड़कियां और युवती के घर से बिना बताए कहीं चले जाने या फिर किसी व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत होती है। लेकिन जिला पुलिस द्वारा इन्हें ढूंढकर वापस लाया जा रहा है। इस वर्ष की बात करें तो सात माह के दौरान कुल 55 लड़के व लड़कियों के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें 9 लड़के और 46 लड़कियां थी। इसमें से पुलिस ने सभी 9 लड़के और 39 लड़कियों को ढूंढ निकाला है। उन लड़के लड़कियों को पुलिस ने परिजनों के हवाले किया, जिसके चलते उनके घर में फिर से रौनक आ गई।
लड़कियां तुरंत ही बहकावे में आ जाती है, इससे बचने के लिए स्कूल में शिक्षा देने की आवश्यकता है। क्योंकि स्कूल में ही उन्हें इस तरह की शिक्षा मिल सकती है। वहीं घर में ही लड़कियों को इस तरह की समझाईश देते रहना चाहिए ताकि वह मानसिक रूप से सुदृंढ रहे और किसी तरह राह न भटके।
गुमशुदा हुई अधिकतर नाबालिग लड़कियां और युवती प्रेम जाल में फंसकर शारीरिक शोषण का शिकार हो जाती है। शादी का भरोसा दिलाकर कई माह तक शोषण होते रहता है। जबकि कई लड़कियों को बंधुआ मजदूर बना दिया है। जबकि कई युवती व लड़कियों को तो कोटे पर बेच दिया जाता है। जिले से ऐसे कई मामले आ चुके हैं, लेकिन जिला पुलिस द्वारा काफी मशक्कत कर उन्हें छुड़ाया गया।
Published on:
25 Aug 2019 09:24 am

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