4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डायरेक्टर को 12 जिलों की टीम ढूंढ रही थी, फिर उसे कबर्धा पुलिस ने यूं दबोचा

न केवल कवर्धा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों ने लोगों से करोड़ों रुपए की लूट की है। हालात यह है कि पीडि़त लोग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आगे-पीछे घूम रहे हैं लेकिन उन्हें न तो राशि वापस मिल रही है और न ही किसी प्रकार की मदद।

2 min read
Google source verification
डायरेक्टर को 12 जिलों की टीम ढूंढ रही थी, फिर उसे कबर्धा पुलिस ने यूं दबोचा

कवर्धा पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

रकम दुगना करने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले चिटफं ड कंपनी पीएसीएल के शातिर संचालक को कबीरधाम पुलिस ने दिल्ली के आईपी स्टेशन के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया। 6 सालों से फरार था कंपनी का डायरेक्टर। कवर्धा सहित छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की पुलिस अलग-अलग थानों के 16 मामलों में पकडऩे का प्रयास कर रही थी।
कवर्धा थाना सिटी कोतवाली में वर्ष 2015, थाना कुण्डा में वर्ष 2017 को प्रार्थी द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि पल्स एग्रोटिक कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी(पीएसीएल)के एजेन्ट व संचालकों द्वारा आम लोगों को अधिक व्याज देने तथा कम समय में रकम दुगुना करने का प्रलोभन देकर रकम अपने कंपनी में निवेश करा के धोखाधड़ी किया गया है। कबीरधाम पुलिस कप्तान डॉ.लाल उमेद सिंह द्वारा उक्त प्रकरण का नए सिरे से विवेचना करने निर्देश दिया गया। इस पर कवर्धा सिटी कोतवाली व कुण्डा थाना संयुक्त टीम गठित किया। गठित टीम ने पीएसीएल के संचालक आरोपी जोगिंदर टाइगर(66) पटियाला को दिल्ली से गिरफ्तार से गिरफ्तार कर न्यायालय कबीरधाम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं कंपनी के अन्य डॉयरेक्टर भी पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हंै। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक भूषण एक्का, थाना प्रभारी कुंडा निरीक्षक मुकेश यादव, उपनिरीक्षक संतोष ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक आशीष सिंह, प्रधान आरक्षक हिरेंद्र प्रताप सिंह, आरक्षक शशांक तिवारी, लेखा चंद्रवंशी, आसिफ खान, हेमंत ठाकुर व थाना टीम का योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह ने बताया कि रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली व थाना कुंडा में धारा. 420, 406, 34 भादवि, 3, 4, 5 इनामी चिटफं ड एवं परिचालन अधिनियम व छत्तीसगढ़ के निक्षेपक के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 कंपनी के एजेन्ट व संचालकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान कुल 3891 जमाकर्ताओं से कुल नगदी रकम 6 करोड़ 66 लाख 54 हजार रुपए जमा करा के एक निर्धारित ब्याज सहित जमाकर्ताओं को वापस नहीं किया गया।

Story Loader