
Environment Day Story
खंडवा. जून की भीषण गर्मी में जहां शहर में लोग तपन से झुलस रहे हैं। वहीं मुख्यालय से 91 किमी दूर चांदगढ़ रेंज के घने जंगलों में प्राकृतिक झरने सुकून की बयार बिखेर रहे हैं। जंगल के बीचोंबीच जयंती माता मंदिर से करीब 200 फीट नीचे प्राकृतिक झरने लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। यहां पहुंचकर पर्यटक जंगल में स्वतंत्र विचरण के साथ-साथ वन्य प्राणियों को भी निहारने का आनंद उठा सकते हैं।
12 महीने अनवरत बहते हैं झरने
इंदिरा सागर बांध के कैचमेंट एरिया के बाद चांदगढ़ रेंज के घने जंगलों वाले ये प्राकृतिक झरने जून की तपाने वाली गर्मी में भी सुकून दे रहे हैं। घने जंगल और मानव के कम हस्तक्षेप के चलते वन विभाग के अधीन के इस इलाके में भीषण गर्मी हो या अल्प वर्षा में ये झरने 12 महीने अनवरत बहते हैं। जंगल के अन्य क्षेत्र में जहां गर्मी के कारण पतझड़ और सभी जलस्रोत सूखे नजर आते हैं। वहीं जयंती माता मंदिर के पास हरियाली और प्राकृतिक झरनों का नजारा आंखों और मन को सुकून देता है। भीषण गर्मी में सुकून पाने के लिए यहां सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। झरने का उद्गम इस प्वाइंट से करीब दो किलोमीटर पहले हैं, जहां से पानी रिसकर समतल जमीन पर बहता है। दोनों ओर पेड़ों की छांव ऐसी है कि यहां जो भी पर्यटक पहुंचता है वह इस प्राकृ तिक नजारे में विचरण करने से खुद को नहीं रोक पाता है। अवकाश के साथ यहां माता की आरती वाले दिन मंगलवार को खासी भीड़ रहती है।
ऐसे पहुंच सकते हैं
खंडवा से पुनासा 53 किमी जाकर इंदिरा सागर डेम के रास्ते सतवास मार्ग पर करीब 20 किमी चलना होगा। यहां बाईं ओर वन विभाग की चौकी से 17 किमी दूर जंगल के कच्चे रास्तों के बीच पैदल या वाहन से जयंती माता तक जा सकते हैं। यहां से करीब 300 मीटर पैदल चलकर इस झरने तक पहुंच सकते हैं। वहीं बड़वाह से कनेरी नदी होते हुए 30 किमी और सतवास से 60 किमी की दूरी तय कर यहां तक पहुंचा जा सकता है।
Published on:
04 Jun 2019 06:55 pm
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