बैंक में एफडी कराना भी सुरक्षित नहीं रहा है। एफडी की राशि में भी लूट की जा रही है। बैंक अधिकारी कर्मचारी ही रकम डकार रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तब सामने आया जब एफडी की राशि लूटनेवाला एक बैंक अधिकारी इंदौर में धरा गया।
खंडवा. बैंक में एफडी कराना भी सुरक्षित नहीं रहा है। एफडी की राशि में भी लूट की जा रही है। बैंक अधिकारी कर्मचारी ही रकम डकार रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तब सामने आया जब एफडी की राशि लूटनेवाला एक बैंक अधिकारी इंदौर में धरा गया। अब मोघट रोड पुलिस ने केस दर्ज किया है।
जब उपभोक्ता रसीद लेकर बैंक पहुंचा तो उसे पता चला कि सभी रसीदें फर्जी हैं- पुलिस ने बताया कि बैंक के इस डिप्टी मैनेजर ने तीन अलग-अलग एफडी करने के लिए 14 लाख रुपए नकद लिए। इसकी बाकायदा रसीद भी दी। फिर परिचित के खाते से एफडी का ब्याज भेजता रहा। बाद में जब उपभोक्ता रसीद लेकर बैंक पहुंचा तो उसे पता चला कि सभी रसीदें फर्जी हैं।
पुलिस इस मामले की जांच करती रही और आरोपी इंदौर में ऐसे ही केस में पकड़ा गया- उसने पुलिस को शिकायत की। पुलिस इस मामले की जांच करती रही और आरोपी इंदौर में ऐसे ही केस में पकड़ा गया। अब मोघट रोड पुलिस ने केस दर्ज किया है।
फिनकेयर स्मॉल फायनेंस बैंक महालक्ष्मी नगर, विजय नगर इंदौर के डिप्टी मैनेजर आशीष पालीवाल पर केस दर्ज - जानकारी के अनुसार आनंद नगर खंडवा के यश शर्मा ने फिनकेयर स्मॉल फायनेंस बैंक महालक्ष्मी नगर, विजय नगर इंदौर के डिप्टी मैनेजर आशीष पालीवाल पर केस दर्ज कराया।
उनका कहना है कि मुझे एफडी करानी थी। अपने घर में किराए से रहने वाले अन्नपूर्णा फायनेंस के मैनेजर लखन राजपूत से बात की तो चेतन नामक बैंकर के जरिए डिप्टी मैनेजर आशीष पालीवाल से संपर्क हुआ। उसने रुपए ठग लिए।